हरियाणा में स्वयंसेवक शिक्षक पोर्टल लॉन्च, सेवानिवृत्त शिक्षक और पूर्व सैनिक स्कूलों में पढ़ा सकेंगे

Haryana News
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल’ लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक और शिक्षण में रुचि रखने वाले योग्य व्यक्ति स्कूलों में स्वैच्छिक रूप से पढ़ाने के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य अनुभवी लोगों के ज्ञान और कौशल का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।

इस योजना के जरिए शिक्षा व्यवस्था में समाज की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अनुभवी लोगों के स्कूलों से जुड़ने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में अतिरिक्त सहयोग मिलने की उम्मीद है। साथ ही, बच्चों को विषयों की बेहतर समझ विकसित करने और जीवन से जुड़े व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

सेवानिवृत्त शिक्षक और पूर्व सैनिक कर सकेंगे पंजीकरण

स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल पर सेवानिवृत्त शिक्षकों और पूर्व सैनिकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा शिक्षण में रुचि रखने वाले अन्य योग्य नागरिक भी पंजीकरण करा सकेंगे।

सेवानिवृत्त शिक्षक अपने लंबे शिक्षण अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को विषयों को समझने में मदद कर सकते हैं। वहीं, पूर्व सैनिक बच्चों को अनुशासन, समय प्रबंधन और जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से जुड़ी सीख दे सकते हैं। इस पहल से ऐसे लोगों को भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने का अवसर मिलेगा, जो नियमित नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद समाज के लिए काम करना चाहते हैं।

एडीसी की अध्यक्षता में गठित होगी जिला स्तरीय कमेटी

स्वयंसेवकों के चयन के लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित की जाएगी। इस कमेटी की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) करेंगे। समिति में डीएसपी स्तर का पुलिस अधिकारी भी शामिल होगा।

जिला स्तरीय कमेटी पंजीकरण कराने वाले इच्छुक व्यक्तियों के बारे में विचार करेगी। इसके बाद समिति की सिफारिश के आधार पर स्वयंसेवकों को स्कूलों में पढ़ाने के कार्य से जोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से स्वयंसेवकों के चयन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की योजना है।

उम्र की अधिकतम सीमा का सख्त बंधन नहीं

इस पहल की प्रमुख विशेषता यह है कि स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण के लिए अधिकतम उम्र की कोई सख्त सीमा नहीं रखी गई है। सरकार का जोर उम्र के बजाय आवेदक की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और पढ़ाने की रुचि पर है।

इससे सेवानिवृत्त शिक्षक और पूर्व सैनिक अपनी क्षमता के अनुसार विद्यार्थियों की शिक्षा में योगदान दे सकेंगे। अन्य योग्य नागरिक भी इस अभियान से जुड़कर बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इच्छुक अभ्यर्थियों को पंजीकरण, योग्यता और चयन से संबंधित विस्तृत शर्तों की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल या संबंधित विभाग से करनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश

हरियाणा सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिलने की उम्मीद है। अनुभवी स्वयंसेवकों की भागीदारी से बच्चों की विषय संबंधी समझ बेहतर बनाने और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान देने में मदद मिल सकती है।

स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल के जरिए सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और समाज के अनुभवी लोगों को विद्यार्थियों से जोड़ने की दिशा में कदम उठा रही है। अब योजना का वास्तविक प्रभाव स्वयंसेवकों के पंजीकरण, चयन और स्कूलों में उनकी प्रभावी भागीदारी पर निर्भर करेगा।

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