मेरठ : एशियन गेम्स-2026 में भारत के लिए दो कांस्य पदक जीतकर लौटीं मेरठ की स्टार एथलीट पारुल चौधरी का गृह जनपद पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद जब पारुल मेरठ पहुंचीं तो काशी टोल प्लाजा पर उनके परिवार, खेल अधिकारियों, खिलाड़ियों और प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों के साथ पुष्पवर्षा कर पारुल का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें खुली गाड़ी में उनके गांव एकलौता के लिए रवाना किया गया।
टोल प्लाजा पर स्वागत के लिए जुटे लोग
पारुल चौधरी के स्वागत के लिए उनके पिता और भाई समेत परिवार के सदस्य पहले से काशी टोल प्लाजा पर मौजूद थे। जैसे ही पारुल वहां पहुंचीं, लोगों ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। ढोल और बाजों के बीच पारुल के एशियन गेम्स में जीते दोनों पदकों की चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में उनकी एक झलक पाने को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी समेत जिले के कई खिलाड़ी भी पारुल को बधाई देने पहुंचे। पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने भी उन्हें उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। खेल कोटे से डिप्टी एसपी बनीं पारुल के स्वागत में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
3000 मीटर स्टीपलचेज में राष्ट्रीय रिकॉर्ड
एशियन गेम्स-2026 में पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9 मिनट 08.67 सेकेंड का समय निकालकर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
पारुल का स्टीपलचेज में एशियन गेम्स से पुराना नाता रहा है। 2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इस बार कांस्य पदक के साथ उन्होंने लगातार दूसरे एशियाड में इस स्पर्धा में पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की।
5000 मीटर में भी जीता कांस्य
पारुल ने 5000 मीटर रेस में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले 2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने इसी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह 2026 में दो कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपने एशियन गेम्स अभियान को एक बार फिर यादगार बना दिया।
पारुल के प्रदर्शन के बाद उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। मेडल जीतने के बाद से लगातार लोग उनके परिवार को बधाई देने पहुंच रहे हैं।
बोलीं- ज्यादा से ज्यादा बेटियां खेलों में आएं
मेरठ पहुंचने के बाद पारुल चौधरी ने युवाओं और खासकर बेटियों को खेलों में आगे आने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
पारुल ने कहा कि वह युवाओं और बेटियों से यही कहना चाहेंगी कि वे मेहनत करें और खेलों में आगे बढ़ें। लगातार प्रयास से वे अपने गांव, समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
पिता बोले- बेटी पर गर्व है
पारुल के पिता ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि हर खिलाड़ी का अपना दिन होता है। उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। परिवार के लिए यह पल बेहद खास है। पारुल की उपलब्धि के बाद गांव में भी जश्न का माहौल बना हुआ है।
उनके पूर्व कोच गौरव त्यागी ने भी पारुल की वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का अवसर है और सभी उनकी सफलता से खुश हैं।
डिप्टी एसपी और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित
पारुल चौधरी को उनकी खेल उपलब्धियों के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने डिप्टी एसपी बनाया है। भारत सरकार की ओर से उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। खेल मैदान में लगातार बेहतर प्रदर्शन के साथ पारुल ने प्रशासनिक सेवा में भी जिम्मेदारी संभाली है।
जिला खेल अधिकारी जितेंद्र यादव ने कहा कि मेरठ की बेटी ने एक बार फिर एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। दो पदक जीतकर लौटना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पारुल में भविष्य में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की पूरी संभावनाएं हैं।
जापान से दो कांस्य पदक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ लौटीं पारुल चौधरी का काशी टोल प्लाजा पर हुआ स्वागत सिर्फ एक खिलाड़ी के सम्मान तक सीमित नहीं रहा। ढोल-नगाड़ों और फूलों की बारिश के बीच मेरठ ने अपनी इस बेटी की उपलब्धि का जश्न मनाया और उसके गांव तक पहुंचने का सफर भी उत्सव में बदल गया।

