सहारनपुर : विजयादशमी का पर्व सहारनपुर में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 34 स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। रेलवे मैदान में आयोजित दशहरा मेले में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। यहां रावण दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।

खास बात यह रही कि चलने और घूमने वाला रावण दर्शकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। वहीं, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कांग्रेस सांसद एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इमरान मसूद के ‘अहंकार के अंत’ और सत्य की जीत से जुड़े बयान ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
इमरान मसूद ने दिया अहंकार के अंत का संदेश
रेलवे मैदान में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में सांसद इमरान मसूद ने भगवान हनुमान के स्वरूप को माला पहनाकर सम्मान किया। इसके बाद उन्होंने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का अवलोकन किया और क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में इमरान मसूद ने कहा कि घमंड और अहंकार कभी स्थायी नहीं होते। अंत में उनका नाश होता है और सत्य की हमेशा विजय होती है। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से अहंकार त्यागने तथा समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
सांसद ने अपने संबोधन में किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया। हालांकि, दशहरे के मंच से दिए गए उनके इस संदेश को राजनीतिक संदर्भ में भी देखा गया। उनके बयान की चर्चा कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच रही।
चलने और घूमने वाला रावण बना आकर्षण
रेलवे मैदान का दशहरा मेला इस बार भी लोगों के लिए खास आकर्षण रहा। यहां रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को विशेष रूप से तैयार कराया गया था। पुतलों की बनावट और उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इनमें चलने और घूमने वाला रावण लोगों के बीच खास आकर्षण बना रहा।
पुतलों को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे। मेले में परिवारों, बच्चों और युवाओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। लोग अपने परिवार के साथ दशहरा मेले का आनंद लेते नजर आए और रावण दहन के क्षण का इंतजार करते रहे।
जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया और पुतलों का दहन हुआ, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व को उत्साह के साथ मनाया। विशाल पुतलों के दहन के दृश्य ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
28 वर्षों से आयोजित हो रहा है रामलीला मेला
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक चंद्रजीत सिंह निक्कू एडवोकेट ने बताया कि रेलवे मैदान में पिछले करीब 28 वर्षों से लगातार रामलीला मेले का आयोजन किया जा रहा है। हर साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को विशेष रूप से तैयार कराया जाता है, ताकि दर्शकों को आकर्षक प्रस्तुति देखने को मिले।
उन्होंने बताया कि चलने और घूमने वाले पुतले मेले का विशेष आकर्षण रहते हैं। इस आयोजन को देखने के लिए हर साल दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों लोग पहुंचते हैं। रामलीला और रावण दहन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है।
रेलवे मैदान में आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल का भी अवसर बनता है। दशहरे के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाता है।
विजयादशमी देता है सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म का अंत किया था। इसी दिन मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध किए जाने की मान्यता भी प्रचलित है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र के बाद दसवें दिन मनाया जाने वाला विजयादशमी का पर्व विजय, धर्म और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
दशहरे का महत्व केवल रावण के पुतलों के दहन तक सीमित नहीं है। यह पर्व व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, अन्याय और नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करने की प्रेरणा देता है। रावण दहन के साथ यह संदेश भी जुड़ा है कि जीवन में सत्य, मर्यादा और सदाचार को अपनाना जरूरी है।
सहारनपुर में आयोजित दशहरा कार्यक्रमों ने एक बार फिर इसी परंपरा और संदेश को जीवंत किया। रेलवे मैदान में उमड़ी भीड़, आकर्षक पुतलों और धार्मिक आयोजन के बीच लोगों ने विजयादशमी का पर्व मनाया। वहीं, इमरान मसूद के अहंकार के अंत वाले बयान ने कार्यक्रम को अतिरिक्त चर्चा का विषय बना दिया।

