‘डंडे का जवाब बांसुरी से देंगे’
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने बांसुरी वादक समर को मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने बांसुरी को डंडे का प्रतीकात्मक जवाब बताया। इसके बाद समर ने बांसुरी पर ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन बजाया।
समर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया और सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को धमकाया गया और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। समर के अनुसार, उनके पास घटना से जुड़े वीडियो मौजूद हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रा ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप
राहुल गांधी ने एक छात्रा को भी मीडिया के सामने पेश किया, जो राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़ी बताई गई। राहुल ने छात्रा की हिम्मत की सराहना की। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे घसीटा और थाने ले जाने के बाद उसके साथ मारपीट की गई। उसने महिला पुलिसकर्मी का नाम चंचल यादव बताया।
छात्रा ने दावा किया कि मारपीट के कारण उसके पैरों पर चोट के निशान पड़ गए और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट पहुंची। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
जंतर-मंतर को लेकर राहुल गांधी का ऐलान
राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर देश की जनता का है और उसे वापस लिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा फहराना अपराध कैसे हो सकता है। उनके मुताबिक, अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग करने वाले युवाओं के साथ सख्ती करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग संगठनों के बैनर तले होने वाले प्रदर्शनों का उद्देश्य अपने अधिकारों और मांगों को सामने रखना है। राहुल ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
हिरासत और पुलिस कार्रवाई पर विवाद
प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार किए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया गया।घटना के बाद प्रदर्शन की अनुमति, बैरिकेड पार करने और पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है।
राहुल गांधी ने जहां पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए, वहीं प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग भी महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

