पंचायत चुनाव पर ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान: आयोग की रिपोर्ट आते ही शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया, अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना

Omprakash Rajbhar’s major statement on Panchayat elections: The election process will commence as soon as the commission’s report is submitted; he also took a dig at Akhilesh Yadav.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पिछड़ा वर्ग समर्पित आयोग की रिपोर्ट आने और आरक्षण निर्धारित होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजभर ने साफ किया कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने लोकतांत्रिक जनशक्ति पार्टी और समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को सुभासपा की सदस्यता भी दिलाई। इस दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव, पिछड़ा वर्ग आरक्षण और विपक्ष की राजनीति पर अपनी बात रखी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।

आयोग की रिपोर्ट के बाद तय होगा आरक्षण

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन किया है। उनके मुताबिक, अदालत ने तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का निर्धारण करने के लिए समर्पित आयोग का गठन किया गया है और प्रदेश के सभी 75 जिलों में सर्वे का काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण तय किया जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राजभर ने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव की तैयारियां पूरी कर चुकी है और मतपत्र हर जिले तथा हर बूथ तक पहुंच चुके हैं।

मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग ही पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को लेकर हाईकोर्ट गए थे। अब अदालत का आदेश आ चुका है और सरकार उसके अनुसार आगे बढ़ेगी। उन्होंने दोहराया कि चुनाव कराने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।

सुप्रीम कोर्ट जाने से किया इनकार

पंचायत चुनाव के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाने के सवाल पर राजभर ने कहा कि वह वहां नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जातीय जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं समेत कई गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन इनके बावजूद पंचायत चुनाव कराना संभव है।

राजभर ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनाव कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उनके बयान से साफ है कि सरकार आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण को चुनाव प्रक्रिया का अहम आधार मान रही है।

अखिलेश यादव पर लगाए आरोप

ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह पिछड़े वर्ग के हितों को लेकर गंभीर नहीं हैं। राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव की नीयत साफ होती, तो वह पिछड़े वर्ग के लोगों को राज्यसभा भेजने में प्राथमिकता देते।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी संख्या में पिछड़े वर्ग के लोग जुड़े हुए हैं, लेकिन राज्यसभा भेजने की बारी आने पर परिवार के लोगों और धनाढ्य व्यक्तियों को तरजीह दी जाती है। इस संदर्भ में उन्होंने धनराज नाथवानी को राज्यसभा भेजे जाने का भी उल्लेख किया।

राजभर ने कहा कि पिछड़े वर्ग की राजनीति का अर्थ केवल परिवार या आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को आगे बढ़ाना नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, पिछड़े वर्ग के लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अवसर मिलना जरूरी है।

संजय निषाद की आरक्षण रैली पर क्या बोले?

संजय निषाद की आरक्षण रैली को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि यदि संजय निषाद अपने समाज की मांगों को लेकर रैली कर रहे हैं, तो इसमें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को अपने आरक्षण और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाने का हक है।

फिलहाल, पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की अगली प्रक्रिया पिछड़ा वर्ग समर्पित आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण पर निर्भर करेगी। वहीं, राजभर के बयान के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव और पिछड़े वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

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