अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर धरने से माता-पिता हिरासत में, राहुल-प्रियंका गांधी ने की मुलाकात

Ankita Bhandari Murder Case

देहरादून : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटे बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

जानकारी के मुताबिक, अंकिता के माता-पिता बीते दिन से इंडिया गेट के पास शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे। गुरुवार सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को एहतियातन हिरासत में लेकर नजदीकी थाने ले गई। पुलिस का कहना था कि इंडिया गेट जैसे संवेदनशील इलाके में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। कुछ घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

कथित वीआईपी की नियुक्ति को लेकर विरोध

अंकिता के माता-पिता के धरने की प्रमुख वजह मामले से जुड़े कथित वीआईपी की उत्तर-पूर्व के एक राज्य में राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठे सवाल बताए जा रहे हैं। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। वे चाहते हैं कि कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सभी सवालों का जवाब सामने आए।

अंकिता के परिवार की ओर से लंबे समय से इस मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना जांच एजेंसियों का काम है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

धरने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे। उनकी मुलाकात के बाद मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गईं।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली थी। वर्ष 2022 में ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों सौरभ भास्कर तथा अंकित को गिरफ्तार किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों आरोपी जेल में हैं। हालांकि, मामले में एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। इसी पहलू की जांच कराने की मांग अंकिता के माता-पिता लगातार करते रहे हैं।

सीबीआई जांच से परिवार को उम्मीद

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच में कथित वीआईपी से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिए जाने की बात कही गई थी।

परिवार चाहता है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए और किसी भी व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष तरीके से जांच हो। उनका कहना है कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आना जरूरी है।

न्याय की मांग को लेकर धरने पर परिवार

इंडिया गेट पर धरना देने और माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की घटना ने एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को सुर्खियों में ला दिया है। परिवार अपनी बेटी को न्याय दिलाने के साथ-साथ मामले के अनसुलझे सवालों के जवाब भी चाहता है।

अब निगाहें सीबीआई जांच की प्रगति और कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर टिकी हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां परिवार की मांगों के संदर्भ में क्या तथ्य सामने लाती हैं। फिलहाल, कथित वीआईपी को लेकर लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

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