वाराणसी : कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव पिंडरा सीट से लड़ेंगे। नवरात्र की सप्तमी पर माता रानी के दर्शन-पूजन के साथ उन्होंने अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सक्रियता शुरू की। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस उनका परिवार है और राहुल गांधी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वह कायम रखेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अजय राय के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज थीं। उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी लगाई जा रही थीं। हालांकि, पिंडरा पहुंचकर उन्होंने इन चर्चाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीतिक राह कांग्रेस के साथ ही जारी रहेगी।
अजय राय ने नवरात्र की सप्तमी पर पिंडरा क्षेत्र के मंदिर में माता रानी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि इस मंदिर से उनका पुराना जुड़ाव है। मंदिर के जीर्णोद्धार में पिंडरा के लोगों ने सामूहिक रूप से सहयोग किया है और वह हर साल यहां दर्शन करने आते हैं।
उन्होंने कहा कि पिंडरा के लोगों से उनका पारिवारिक रिश्ता है। आगामी चुनाव में वह इसी क्षेत्र से मैदान में उतरेंगे और जनता के बीच रहकर अपनी बात रखेंगे। उनके इस ऐलान को चुनाव से पहले क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
बोले- मैं कांग्रेस का सिपाही हूं
पार्टी बदलने की चर्चाओं पर अजय राय ने कहा, “मैं कहीं नहीं जा रहा हूं, जहां था, वहीं रहूंगा। मैं कांग्रेस का सिपाही हूं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके लिए केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि परिवार है। राहुल गांधी ने उन पर भरोसा किया है और वह उस विश्वास को बनाए रखने के लिए काम करते रहेंगे।
अजय राय ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस में आए थे। उन्होंने दावा किया कि अगर उनका मकसद केवल सत्ता हासिल करना होता, तो उनके पास दूसरे विकल्प भी थे। उन्होंने बताया कि वह 25 वर्ष आठ महीने की उम्र में विधायक बने थे और 32 वर्ष की उम्र में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
भाजपा पर साधा निशाना
अजय राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी पिछले कई वर्षों से उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करती रही है। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि भाजपा ने उन्हें प्रभावित करने के प्रयास किए, लेकिन वह अपने राजनीतिक विचारों पर कायम रहे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवा, किसान और महिलाएं कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अजय राय ने महिलाओं के खिलाफ अपराध, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि इन सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने भाजपा को सत्ता से हटाने को अपनी प्राथमिकता बताया।
पिंडरा में मुकाबले पर रहेंगी नजरें
वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट पहले कोलसला के नाम से जानी जाती थी। अजय राय यहां से पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं। वर्तमान में इस सीट पर भाजपा के अवधेश राय विधायक हैं, जो लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में अजय राय की चुनाव लड़ने की घोषणा से क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
अजय राय ने कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए कार्यकर्ताओं के बीच रहने, मेहनत करने और संगठन के लोगों का सम्मान करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी के संपर्क में हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए काम करेंगे।
अजय राय के इस ऐलान से फिलहाल उनके कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं पर विराम लगा है। अब आगामी चुनाव में पिंडरा सीट पर उनकी सक्रियता और पार्टी की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

