हरियाणा में औद्योगिक विकास की नई तैयारी, 10 IMT से पांच लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

New push for industrial development in Haryana; target of ₹5 lakh crore in investment through 10 IMTs

मारुति सुजुकी से लेकर यूनो-मिंडा तक कई कंपनियां लगा रहीं उद्योग, दक्षिण कोरिया से निवेश जुटाने में सरकार की नजर; रोजगार और MSME सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

हरियाणा : हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह देश-विदेश के निवेशकों से संपर्क कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि नए उद्योग स्थापित होने से न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रदेश में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। सरकार के मुताबिक, जापान से करीब 3,900 करोड़ रुपये और सिंगापुर से लगभग 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी पहल के बाद स्वीडन से भी निवेश हासिल करने की दिशा में काम हुआ है। अब उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह 19 से 22 अक्टूबर तक दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं। इस दौरान वहां की कंपनियों के साथ निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

बड़ी कंपनियों के निवेश से औद्योगिक नेटवर्क का विस्तार

हरियाणा में कई बड़ी कंपनियां अलग-अलग औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए निवेश कर रही हैं। सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, मारुति सुजुकी 800 एकड़ भूमि पर 18,000 करोड़ रुपये, एटीएल 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये और यूनो-मिंडा 94 एकड़ में 11,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से जुड़ी हैं।

इसके अलावा आदित्य बिरला ग्रुप 70 एकड़ में 1,140 करोड़ रुपये, टोयोटा बोशोकु 21 एकड़ में 400 करोड़ रुपये, अमूल 10 एकड़ में 300 करोड़ रुपये, डेन्सो 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये, फ्लिपकार्ट 140 एकड़ में 1,300 करोड़ रुपये, फैवेली ट्रांसपोर्ट पांच एकड़ में 200 करोड़ रुपये और यूफ्लेक्स 14 एकड़ में 300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं।

सरकार के मुताबिक, यामाहा, एस्कोर्ट्स, व्हर्लपूल, इंडियन ऑयल, एशियन पेंट्स, जेसीबी, होंडा, सन फार्मा, पैनासोनिक, हीरो, टाटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, सैमसंग और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अनेक कंपनियां भी प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। इससे हरियाणा में निवेश का दायरा ऑटोमोबाइल से आगे बढ़कर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।

खरखौदा से बावल तक बढ़ेगा औद्योगिक क्षेत्र

सरकार औद्योगिक विकास को मौजूदा केंद्रों से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत आईएमटी खरखौदा के विस्तार के लिए लगभग 5,800 एकड़, आईएमटी कोसली के लिए करीब 5,000 एकड़, आईएमटी बावल के विस्तार के लिए लगभग 2,000 एकड़ और आईएमटी सोहना के विस्तार के लिए करीब 1,500 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है।

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार औद्योगिक भूमि, बेहतर सड़क संपर्क, सिंगल-विंडो सहायता और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं पर जोर दे रही है। प्रस्तावित सुविधाओं में तैयार फैक्ट्री शेड, गोदाम, लॉजिस्टिक्स केंद्र, कर्मचारी आवास, अस्पताल, कौशल विकास केंद्र और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सुविधाएं शामिल हैं।

सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को जमीन और मंजूरियों से जुड़ी प्रक्रियाओं में आसानी हो। उद्योग मंत्री के मुताबिक, प्रदेश में जमीन की कीमतें अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं। इसलिए उद्योगपतियों को जमीन लीज पर उपलब्ध कराने के लिए नई नीति लाने पर विचार किया जा रहा है।

राव नरबीर बोले- अगले साल होगा हैपनिंग हरियाणा समिट

उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वह स्वयं देश-विदेश में निवेशकों से मुलाकात कर रहे हैं। उद्देश्य उद्योग जगत के लोगों को हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित करना है। उन्होंने बताया कि अगले साल अप्रैल में गुरुग्राम में हैपनिंग हरियाणा समिट आयोजित किया जाएगा।

मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पांच साल में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नजदीक होने और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण हरियाणा निवेशकों के लिए आकर्षक स्थान है। सरकार को उम्मीद है कि नई नीतियों और निवेशक संवाद से प्रदेश में उद्योगों का विस्तार होगा।

रोजगार के साथ छोटे उद्योगों को भी फायदा

औद्योगिक निवेश का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। नए उद्योगों से इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों, मशीन ऑपरेटरों और गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञों की मांग बढ़ सकती है। साथ ही परिवहन, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, निर्माण और रखरखाव से जुड़े कामों में भी अवसर पैदा होंगे।

गुरुग्राम के उद्योगपति विनोद का कहना है कि विदेशी निवेश से हरियाणा के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को भी फायदा मिल सकता है। बड़ी कंपनियों के आने से छोटे कारोबारियों को सप्लाई चेन में शामिल होने, नए ऑर्डर हासिल करने और तकनीक अपनाने के अवसर मिलेंगे।

डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीराम अग्रवाल ने भी निवेश को बढ़ावा देने की पहल को सकारात्मक बताया। उनका कहना है कि नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से स्थानीय कारोबार, सप्लायर और परिवहन से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि निवेश घोषणाओं की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी और रोजगार पैदा होगा।

कांग्रेस ने उठाए विदेशी दौरों पर सवाल

प्रदेश में निवेश को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार के विदेशी दौरों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में निवेश और नए उद्योगों को लेकर सरकार के दावे जमीन पर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहे। कांग्रेस ने सरकार पर विकास कार्यों में विफल रहने का आरोप भी लगाया है।

वहीं, सरकार का पक्ष है कि अंतरराष्ट्रीय संपर्क और निवेशकों से बातचीत प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के लिए जरूरी है। अब इन प्रयासों का आकलन इस आधार पर होगा कि घोषित निवेश में से कितनी परियोजनाएं शुरू होती हैं और स्थानीय युवाओं को कितना रोजगार मिलता है।

अर्थशास्त्री बोले- निवेश के साथ कौशल और बुनियादी ढांचा जरूरी

आर्थिक मामलों के जानकार बिमल अंजुम के अनुसार, विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल, मजबूत बुनियादी ढांचा और कुशल कार्यबल जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुका है। ऐसे में निवेश के साथ शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा।

हरियाणा के सामने अब बड़ी चुनौती निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की है। यदि औद्योगिक टाउनशिप समय पर विकसित होती हैं, कंपनियां उत्पादन शुरू करती हैं और स्थानीय युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण मिलता है, तो यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया News 14 Today के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts