मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, एक वेब सीरीज देखने के बाद आरोपियों के मन में नकली नोट बनाकर जल्दी अमीर बनने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट में नकली करेंसी छापने का काम शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 26 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
एसएसपी मुजफ्फरनगर सूरज कुमार राय ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेरठ-करनाल हाईवे पर कुछ लोग नकली करेंसी की सप्लाई करने के लिए पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों शुभम, महेंद्र और टीनू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
वेब सीरीज देखकर आया नकली नोट बनाने का विचार
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी शुभम ने बताया कि उसने ‘फर्जी’ नाम की वेब सीरीज देखी थी। इसे देखने के बाद उसके मन में नकली नोट तैयार कर कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का विचार आया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस काम को शुरू करने की योजना बनाई।
आरोपियों ने कथित तौर पर दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट को नकली नोट बनाने के लिए इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी प्रिंटिंग का काम जानते थे। उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से नकली नोट तैयार करने से संबंधित जानकारी हासिल की और फिर अपने अनुभव का इस्तेमाल इस अवैध गतिविधि में किया।
महाराष्ट्र से आता था कागज
जांच में सामने आया कि नकली नोट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला कागज महाराष्ट्र से भेजा जाता था। पुलिस पूछताछ में गणेश नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिस पर गिरोह को कागज उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है और उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसएसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, गिरोह पहले से नीले रंग की प्रिंटिंग वाले कागज का इस्तेमाल करता था। इसके ऊपर 500 रुपये के नोट का प्रारूप छापा जाता था, ताकि नकली करेंसी देखने में असली जैसी लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5.26 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ प्रिंटिंग से जुड़े उपकरण भी बरामद किए हैं।
दिल्ली और यूपी समेत अन्य जगहों पर सप्लाई
पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली कि आरोपी कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर उनकी सप्लाई करते थे। इस नेटवर्क के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो नकली करेंसी को बाजार तक पहुंचाने में मदद करते थे।
एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की पुष्टि करने के लिए साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
एसएसपी के मुताबिक, यह कार्रवाई एसपी ग्रामीण और सीओ बुढ़ाना के नेतृत्व में बुढ़ाना कोतवाली पुलिस टीम ने की। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। उन्हें अदालत में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। अब जांच का मुख्य फोकस नकली नोटों के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और महाराष्ट्र से कागज भेजने वाले कथित सप्लायर की भूमिका पर है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से नकली करेंसी के कथित नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

