शामली : भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरठ विजिलेंस की टीम ने शामली में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने खनन पट्टे की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 85 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और लिपिक सद्दाम को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान खनन अधिकारी के सरकारी आवास से भी नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। विजिलेंस टीम बरामद रकम की गिनती करा रही है।
मेरठ विजिलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने गुरुवार को कार्रवाई की। विजिलेंस के अनुसार, खनन विभाग में तैनात अधिकारी और लिपिक पर रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर टीम ने मामले की जांच की और इसके बाद दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया।
शिकायतकर्ता परमाल के मुताबिक, उसे एक खनन पट्टे की फाइल स्वीकृत करानी थी। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने और काम कराने के बदले उससे कुल एक लाख 35 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब तक रकम नहीं दी जाती, तब तक उसकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। इससे परेशान होकर उसने करीब 10 से 15 दिन पहले विजिलेंस से शिकायत की थी।
परमाल का आरोप है कि मांगी गई रकम में से 50 हजार रुपये खाते में जमा कराने के लिए कहा गया था, जबकि 85 हजार रुपये नकद देने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने नकद रकम लिपिक सद्दाम को दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह करीब 10 वर्षों से इस काम से जुड़ा हुआ है। उसका कहना है कि लंबे समय से परेशान किए जाने के बाद उसने विजिलेंस से शिकायत करने का फैसला किया। उसका आरोप है कि खनन पट्टा गांव में संचालित होना था और फाइल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार पैसे की मांग की जा रही थी।
कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी के सरकारी आवास की भी जांच की। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि वहां से काफी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। हालांकि, बरामद रकम की वास्तविक मात्रा की पुष्टि विजिलेंस अधिकारियों की ओर से नोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
मेरठ विजिलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। खनन अधिकारी के पास से बरामद नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगाई गई है। मशीन के जरिए नकदी की गिनती की जा रही है।
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद खनन विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। फिलहाल टीम रिश्वत से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रकम की मांग और लेन-देन में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

