चंडीगढ़ : हरियाणा में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भाजपा और कांग्रेस एक के बाद एक बड़े कार्यक्रमों के जरिए अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में हैं। 7 अक्टूबर को भाजपा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के जरिए मैदान में उतरेगी, जबकि 8 अक्टूबर को कांग्रेस ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में रोष मार्च निकालेगी। दोनों दलों के कार्यक्रम लगातार दो दिनों में होने से हरियाणा की राजनीति में इनका असर खासा चर्चा में है।
7 अक्टूबर को भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। पार्टी के मुताबिक इस दौरान प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी अभियान के तहत 7 अक्टूबर को प्रदेश में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके लिए भाजपा ने जिला स्तर तक तैयारियां की हैं। कुरुक्षेत्र में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। भाजपा इन कार्यक्रमों के जरिए अपने संगठन को सक्रिय करने के साथ सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है।
अमित शाह कुरुक्षेत्र में सेवा ज्योति यात्रा में हिस्सा लेंगे। वहीं जींद में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी मौजूद रहेंगी। प्रभारी बनने के बाद यह उनका पहला हरियाणा दौरा होगा। करनाल में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के नवनियुक्त सह प्रभारी भोला सिंह शामिल होंगे।
कांग्रेस ने भी कसी कमर
भाजपा के कार्यक्रम के अगले दिन कांग्रेस प्रदेशभर में अपना अभियान तेज करेगी। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ आयोजित किया है। इसके तहत ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान चलाया जा रहा है।
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को हरियाणा के सभी जिलों में INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त रोष मार्च निकालने का फैसला किया है। पार्टी इस अभियान में मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। कांग्रेस ने जिला कांग्रेस कमेटियों को अभियान के प्रभावी संचालन और गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ समन्वय के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
6 अक्टूबर से शुरू होंगी समन्वय बैठकें
कांग्रेस के कार्यक्रम के तहत 6 अक्टूबर को जिला स्तर पर समन्वय बैठकें होंगी। इनमें INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के स्थानीय नेताओं के साथ कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद 7 अक्टूबर को ब्लॉक स्तर पर संयुक्त तैयारी बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल, मार्च की रूपरेखा और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस ने जिला स्तर के मार्च के लिए अलग-अलग जिलों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की है।
चंडीगढ़ में होगी गठबंधन की अहम बैठक
हरियाणा में कांग्रेस के पार्टी मामलों के प्रभारी संजय दत्त के मुताबिक INDIA गठबंधन के राज्य स्तरीय सहयोगी दलों के प्रमुखों से अभियान को लेकर बातचीत हो चुकी है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। संजय दत्त के मुताबिक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत होने वाले मार्च को प्रभावी बनाने के लिए जिलेवार पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
दो दिन, दो मुद्दे और आमने-सामने सियासी संदेश
हरियाणा में 7 और 8 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रमों में दोनों दलों का राजनीतिक संदेश अलग-अलग दिखाई देगा। भाजपा जहां सेवा और जनसंपर्क अभियान के जरिए अपनी गतिविधियां आगे बढ़ाएगी, वहीं कांग्रेस वोट और लोकतंत्र के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
खास बात यह है कि भाजपा के कार्यक्रम में केंद्रीय नेतृत्व के प्रमुख चेहरे मौजूद रहेंगे, जबकि कांग्रेस ने अपने अभियान को INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ जोड़ने की रणनीति बनाई है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले लगातार दो दिनों तक होने वाले ये कार्यक्रम दोनों दलों की संगठनात्मक सक्रियता, कार्यकर्ताओं की लामबंदी और जमीनी तैयारियों की झलक पेश करेंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों दल अपने-अपने अभियानों को जिलों और बूथ स्तर तक कितनी मजबूती से पहुंचा पाते हैं।

