नई दिल्ली : दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अपने पात्र कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों को आर्थिक राहत देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय ने लेखा वर्ष 2025-26 के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एड-हॉक बोनस) देने संबंधी आदेश जारी किया है। 15 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को अधिकतम ₹6,908 का एकमुश्त बोनस मिलेगा। वहीं, निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दैनिक मजदूरों को ₹1,184 की राशि दी जाएगी। इस घोषणा से त्योहार के समय पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
ग्रुप-C और नॉन-गजेटेड ग्रुप-B कर्मचारियों को लाभ
वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह बोनस सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं है। इसका लाभ केंद्र सरकार के ग्रुप-C कर्मचारियों और ग्रुप-B के उन अधिकारियों को मिलेगा, जो राजपत्रित नहीं हैं और किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) योजना के दायरे में नहीं आते।
इसके अलावा पात्र केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के जवानों को भी बोनस दिया जाएगा। केंद्र शासित प्रदेशों के वे कर्मचारी भी इस योजना में शामिल होंगे, जो पूरी तरह केंद्र सरकार के वेतन ढांचे और संबंधित सेवा शर्तों के तहत आते हैं।
बोनस पाने के लिए छह महीने की सेवा जरूरी
सरकार ने बोनस के लिए सेवा अवधि से जुड़ी शर्तें भी निर्धारित की हैं। कर्मचारी को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी करनी जरूरी होगी। इसके साथ ही पात्रता के लिए कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में बने रहना अनिवार्य बताया गया है।
जिन कर्मचारियों ने छह महीने या उससे अधिक, लेकिन पूरे 12 महीने से कम अवधि तक काम किया है, उन्हें उनकी सेवा अवधि के अनुपात में बोनस दिया जाएगा। इस राशि की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी और अंतिम रकम को नियमानुसार राउंड ऑफ किया जाएगा।
दैनिक वेतनभोगियों के लिए भी तय किए नियम
सरकारी विभागों में काम करने वाले दैनिक मजदूरों को भी बोनस का लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए पिछले तीन वर्षों में काम के दिनों से जुड़ी शर्तें पूरी करना जरूरी है।
छह दिन के कार्य सप्ताह वाले प्रतिष्ठानों में काम करने वाले दैनिक मजदूरों ने पिछले तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम किया होना चाहिए। वहीं, पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में हर साल कम से कम 206 दिन काम करने की शर्त रखी गई है। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले पात्र दैनिक मजदूरों के लिए ₹1,184 का बोनस तय किया गया है।
ऐसे हुई ₹6,908 के बोनस की गणना
बोनस की गणना 30 दिनों के वेतन के आधार पर की जाती है। इसके लिए सरकार ने अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 निर्धारित की है। यदि किसी कर्मचारी का औसत मासिक वेतन ₹7,000 से अधिक है, तो भी बोनस की गणना इसी निर्धारित सीमा के आधार पर होगी।
गणना का फॉर्मूला है: ₹7,000 × 30 ÷ 30.4। इस हिसाब से राशि ₹6,907.89 बनती है, जिसे राउंड ऑफ करके ₹6,908 कर दिया गया है।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ
राजपत्रित अधिकारी और वे कर्मचारी, जो रेलवे, डाक विभाग या अन्य संबंधित विभागों की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजनाओं के अंतर्गत आते हैं, इस एड-हॉक बोनस के पात्र नहीं होंगे। ऐसे में कर्मचारियों को अपनी श्रेणी, सेवा अवधि और विभागीय नियमों के आधार पर पात्रता की पुष्टि करनी होगी। बोनस का भुगतान वित्त मंत्रालय के आदेश और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

