बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश का लगाया आरोप, राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस और सहयोगी संगठनों को घेरा
लखनऊ : केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कांग्रेस पर हमला बोलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्षी दल पर तीखा निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उससे जुड़ी कुछ राजनीतिक शक्तियां बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता के जनादेश से होकर गुजरता है, अराजकता फैलाकर नहीं। योगी ने विपक्ष पर चुनाव सुधार और लोकतंत्र के मुद्दों की आड़ में देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल देने के बजाय अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, न कि किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और सत्ता की भूख मिटाने के लिए।
‘जनता के विश्वास पर खड़ा है भारत का लोकतंत्र’
सीएम योगी ने कहा कि चुनाव सुधार का मुखौटा पहनकर, न्याय का नारा देकर और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को यह समझना चाहिए कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास की मजबूत नींव पर खड़ा है। उन्होंने इसकी तुलना एक विशाल वटवृक्ष से करते हुए कहा कि षड्यंत्रों के अंधड़ इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को हिला नहीं सकते।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने राजनीतिक रूप से ऐसे लोगों को पहचानकर सत्ता से दूर रखा है। उनके मुताबिक, अब देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश ऐसी किसी भी राजनीतिक साजिश को सफल नहीं होने देगा।
योगी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास, निर्माण और प्रगति में होना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सरकार का गठन उसके फैसले के आधार पर होता है। ऐसे में सत्ता हासिल करने के लिए अस्थिरता पैदा करने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में शासन बदलने की बात कर रहे हैं। राजनाथ सिंह के मुताबिक, एक प्रेस वार्ता में बांग्लादेश से शासन परिवर्तन की प्रेरणा लेने की बात कही गई, जबकि दूसरे बयान में सरकार गिराने की बात की गई।
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से विपक्ष की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना और देश में अस्थिरता पैदा करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उनके अनुसार, विपक्ष की लड़ाई केवल चुनाव सुधार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सत्ता हासिल करने की मंशा है।
‘अराजकता देश के विकास में बाधा’
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि लोकतंत्र में अराजकता देश के विकास में बाधा बनती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी हवाला दिया और उसे मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।
भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद चुनाव सुधार, एसआईआर और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल जहां विपक्ष पर अस्थिरता फैलाने और सत्ता हासिल करने के लिए अनुचित तरीके अपनाने का आरोप लगा रहा है, वहीं इन आरोपों पर कांग्रेस का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह के बयानों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस विवाद के केंद्र में लोकतंत्र, जनादेश और राजनीतिक विरोध की सीमाओं को लेकर अलग-अलग दावे हैं। हालांकि, बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की साजिश के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि केवल इन बयानों के आधार पर नहीं होती।

