मुजफ्फरनगर : पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में दल बदलने के लिए चर्चा में रहने वाले पूर्व सांसद और विधायक राजपाल सैनी एक बार फिर समाजवादी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। बसपा, रालोद, सपा और भाजपा में रह चुके राजपाल सैनी शुक्रवार को लखनऊ में सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। बताया जा रहा है कि इस संबंध में उनकी सपा प्रमुख अखिलेश यादव से बातचीत हो चुकी है। समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंचे राजपाल सैनी की सपा में वापसी को पश्चिमी यूपी की सियासत के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भाजपा में शामिल हुए राजपाल सैनी चुनाव के बाद से पार्टी की राजनीति में सक्रिय नजर नहीं आ रहे थे। अब उनके सपा में लौटने की चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्हें मीरापुर विधानसभा सीट से सपा का संभावित दावेदार भी माना जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने उनके पार्टी में शामिल होने की पुष्टि की है। हालांकि, मीरापुर सीट से टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बसपा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र के लुहसाना गांव निवासी राजपाल सैनी ने वर्ष 1999 में बसपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से पहला चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 1,63,721 वोट मिले, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2002 में उन्होंने बसपा के टिकट पर मोरना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। उन्हें 40,579 वोट मिले और उन्होंने सपा के संजय चौहान को हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
इस जीत के बाद उन्हें सरकार में मंत्री बनाया गया। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में रालोद प्रत्याशी कादिर राना के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में उन्हें 38,947 वोट मिले थे। वर्ष 2010 में बसपा ने राजपाल सैनी को राज्यसभा भेजा। राज्यसभा सदस्य होने के कारण वह वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में मैदान में नहीं उतरे।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में राजपाल सैनी ने अपने बेटे शिवान सैनी को बसपा के टिकट पर खतौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले राजपाल सैनी ने बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया।
सपा और रालोद के गठबंधन के कारण वर्ष 2022 में खतौली सीट रालोद के खाते में गई। रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने शिवान सैनी के बजाय राजपाल सैनी को प्रत्याशी बनाया। हालांकि, उन्हें भाजपा के विक्रम सैनी के सामने हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा छोड़कर फिर सपा में वापसी
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजपाल सैनी रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। अब वह फिर सपा में वापसी करने जा रहे हैं। उनकी इस राजनीतिक पारी को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजपाल सैनी की सदस्यता और मीरापुर सीट पर उनकी संभावित दावेदारी पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। हालांकि, पार्टी में उनकी भूमिका और टिकट को लेकर अंतिम फैसला सपा नेतृत्व ही करेगा।

