आगरा : उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय शनिवार शाम आगरा पहुंचे। होटल में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अजय राय ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के परिवार से जुड़े अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए।
अजय राय ने कहा कि देश में निराशा और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता जिस सरकार को वोट के जरिए चुनती है, उसे कथित तौर पर वोट में हेराफेरी करके सत्ता में लाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई बार लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
वाराणसी चुनाव को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वाराणसी चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आयोग की वेबसाइट बंद हो गई और बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत घोषित कर दी गई। अजय राय ने सवाल उठाया कि ऐसा कैसे संभव हुआ।
उन्होंने हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, असम और पश्चिम बंगाल के चुनावों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कई चुनावों को प्रभावित किया गया। हालांकि, ये अजय राय द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और उन्होंने अपने बयान में इनके समर्थन में कोई नया दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
अजय राय ने कहा कि उनकी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने वाराणसी चुनाव को निरस्त कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा उन्होंने सीईसी के परिवार से संबंधित पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए।
यूपी चुनाव पर बोले- केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा रणनीति
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अजय राय ने कहा कि कांग्रेस अपने दमखम पर चुनाव लड़ने की तैयारी करती है। हालांकि, अंतिम रणनीति पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा और प्रदेश संगठन उसी के अनुसार काम करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में अपनी टीमें सक्रिय कर दी हैं और चुनाव की तैयारियां जारी हैं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी कटाक्ष
अजय राय ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे और यदि प्रत्येक व्यक्ति औसतन 500 से 1000 रुपये तक चढ़ाता, तो यह राशि बहुत बड़ी होती। इसी संदर्भ में उन्होंने मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।

