देहरादून : उत्तराखंड में मानसून भले ही अब अंतिम चरण में पहुंच गया हो, लेकिन मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 641 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 600 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 39 मरीजों का उपचार अभी जारी है। स्वाइन फ्लू के कारण अब तक दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 15 नए मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा नौ मरीज देहरादून जिले में मिले हैं, जबकि छह संक्रमित मरीज अन्य जिलों से सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए मामलों की संख्या में पहले की तुलना में कमी दिखाई दे रही है, लेकिन मौसम में बदलाव को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
2111 सैंपल की जांच, 641 मरीज पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 2111 सैंपल लिए गए हैं। इनमें देहरादून जिले में 428 और अन्य जिलों में 213 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 641 तक पहुंच गई है।
उम्र के हिसाब से देखें तो स्वाइन फ्लू का असर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दिखाई दे रहा है। 0 से 11 महीने की उम्र के एक बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं 1 से 10 साल की उम्र के 101 बच्चे स्वाइन फ्लू की चपेट में आए हैं। 11 से 20 साल की उम्र के 57 मरीज भी संक्रमित मिले हैं।
21 से 30 साल के 72, 31 से 40 साल के 58 और 41 से 50 साल की उम्र के 63 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 51 से 60 वर्ष के 97 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा 61 से 70 वर्ष की उम्र के 105, 71 से 80 वर्ष के 71 और 81 से 100 वर्ष की उम्र के 16 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं की तुलना में पुरुषों में संक्रमण के मामले अधिक हैं। कुल 641 मरीजों में 339 पुरुष और 302 महिलाएं शामिल हैं।
डेंगू के 222 मरीज, 203 स्वस्थ
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ उत्तराखंड में डेंगू संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। डेंगू की जांच के लिए प्रदेश में अब तक करीब 34,226 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 222 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें देहरादून जिले के 109 और अन्य जिलों के 113 मरीज शामिल हैं।
डेंगू से संक्रमित 222 मरीजों में से 203 मरीज उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि 19 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बदलते मौसम के बीच डेंगू समेत अन्य मौसमी बीमारियों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
कोरोना के 57 मामले भी मिले
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। अब तक कोरोना की जांच के लिए 1060 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 57 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीजों में 29 देहरादून और 28 अन्य जिलों के हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सामने इस समय स्वाइन फ्लू, डेंगू और कोरोना समेत मौसमी बीमारियों की निगरानी और संक्रमण को नियंत्रित रखने की चुनौती है। मौसम में अचानक बदलाव को इन बीमारियों के बढ़ने की प्रमुख वजहों में से एक माना जा रहा है।
बुखार को हल्के में न लें, डॉक्टर से करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने कहा कि स्वाइन फ्लू के नए मामलों में अब कमी दिखाई दे रही है, लेकिन विभाग अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा कि मौसम बदलने के साथ अलग-अलग तरह की मौसमी बीमारियां सामने आती रहती हैं। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश या दर्द, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान और कमजोरी, नाक बहना या बंद होना शामिल हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी या सांस फूलने की शिकायत भी हो सकती है। बच्चों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
डॉ. शिखा जगपांगी ने खासतौर पर लोगों को सेल्फ मेडिकेशन से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तीन से चार दिनों तक लगातार बुखार रहता है और उसमें सुधार नहीं होता, तो खुद से दवा लेने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोकने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के सक्रिय मरीजों का उपचार जारी है और स्वास्थ्य विभाग नए मामलों पर नजर रख रहा है। बदलते मौसम के बीच विभाग की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।

