Contents hideसोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक पारी शुरू करने का ऐलान, कहा- ‘80 सालों का हिसाब चाहिए, राजनेता नहीं राजनीति बदलनी है’; यूपी को बताया अपनी कर्मभूमि
लखनऊ: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा देने के बाद पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की जानकारी साझा की। दिव्या मित्तल ने कहा कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने नहीं जा रही हैं, बल्कि सीधे लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ राजनेताओं को बदलना नहीं, बल्कि राजनीति के तौर-तरीकों में बदलाव लाना है।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद 30 अगस्त 2026 को इस्तीफा दिया था। केंद्र सरकार की ओर से उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद 15 सितंबर से वह औपचारिक रूप से प्रशासनिक सेवा से बाहर हो गईं। सेवा के दौरान वह उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रह चुकी हैं।
‘80 सालों का हिसाब चाहिए, राजनीति बदलनी है’
राजनीति में आने की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में कहा कि देश में पिछले 80 वर्षों में राजनीति और शासन के जरिए जो कुछ हुआ, उसका हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह किसी एक राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय लोगों के साथ काम करना चाहती हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उनका लक्ष्य ‘राजनेताओं को बदलना’ नहीं बल्कि ‘राजनीति को बदलना’ है। इसके लिए उन्होंने आम लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। उनका कहना है कि राजनीति केवल चुनाव लड़ने या सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि जनता की समस्याओं और सवालों को सामने रखने का जरिया बनना चाहिए।
दिव्या मित्तल ने कहा कि वह लोगों की आवाज उठाएंगी और सवाल पूछने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और जिस मुद्दे को जरूरी समझेंगी, उस पर सवाल करेंगी।
सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों का भी किया जिक्र
अपने राजनीतिक ऐलान के दौरान पूर्व IAS अधिकारी ने सोशल मीडिया पर उनके बारे में लगाए गए कुछ आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने एक राज्य स्तरीय प्रवक्ता की ओर से उनके किसी वरिष्ठ नेता से रात में मुलाकात किए जाने के कथित दावे का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई थी।
दिव्या मित्तल के मुताबिक, इस तरह के दावों के जरिए उन पर दबाव बनाने या उन्हें डराने की कोशिश की गई। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत पक्ष है और उनके द्वारा बताए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है।
इससे पहले उनके IAS से इस्तीफे के बाद भी उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। अगस्त में इस्तीफे के बाद उन्होंने उस समय कहा था कि उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। बाद में इस्तीफा स्वीकार होने के बाद राजनीतिक पारी शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हुई और अब उन्होंने स्वयं राजनीति में आने की घोषणा कर दी है।
यूपी से शुरू करेंगी राजनीतिक सफर
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी ‘कर्मभूमि’ बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत यहीं से होगी। उन्होंने लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने पर जोर दिया है।
उन्होंने अपने संदेश में शिक्षकों, डॉक्टरों, किसानों, मजदूरों, वकीलों, छात्रों और महिलाओं समेत समाज के अलग-अलग वर्गों से आगे आने की अपील की। उनका कहना है कि राजनीति में बदलाव केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से संभव होगा।
हालांकि उन्होंने राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है, लेकिन अभी किसी राजनीतिक दल से जुड़ने या किसी चुनाव में उम्मीदवार बनने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने अपने संदेश में पार्टी की राजनीति से अलग रहकर लोगों के साथ काम करने की बात कही है।
प्रशासनिक सेवा के बाद नई भूमिका
दिव्या मित्तल का प्रशासनिक करियर भी चर्चा में रहा है। उत्तर प्रदेश में विभिन्न पदों पर तैनाती के दौरान वह कई जनकल्याण और प्रशासनिक अभियानों से जुड़ी रही हैं। मिर्जापुर में पेयजल से जुड़े कामों के कारण भी उनका नाम सामने आया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
अब राजनीति में आने की घोषणा के साथ उनकी भूमिका पूरी तरह बदल गई है। एक ओर जहां वह पहले प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा थीं, वहीं अब उन्होंने जनता के बीच रहकर काम करने और राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाने की बात कही है।
लोगों से मांगे सुझाव, साझा किया संपर्क नंबर
दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक अभियान से जुड़ने के इच्छुक लोगों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग वर्गों के लोगों की बात सुनना चाहती हैं और आगे की दिशा उनके सुझावों और भागीदारी के आधार पर तय करना चाहती हैं।
उन्होंने लोगों से संपर्क के लिए व्हाट्सऐप नंबर 9198 956 957 भी साझा किया है। इससे संकेत मिलता है कि उनकी शुरुआती रणनीति सीधे लोगों से संवाद स्थापित करने और संगठनात्मक आधार तैयार करने पर केंद्रित हो सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आने वाले समय में दिव्या मित्तल चुनावी राजनीति में उतरेंगी या किसी राजनीतिक दल के साथ किसी स्तर पर सहयोग करेंगी। इतना जरूर है कि उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी को लेकर पहला औपचारिक कदम उठा दिया है और इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने की बात कही है।

