जौहर यूनिवर्सिटी पर ED की नजर से बढ़ी हलचल, आजम खान के करीबी आसिम राजा बोले- कानूनी लड़ाई लड़ेंगे

Jauhar University, Jauhar University Rampur, Mohammad Ali Jauhar University, Rampur News, Jauhar University Case,

रामपुर : समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के करीबी आसिम राजा ने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संभावित कार्रवाई, यूनिवर्सिटी की इमारतों के मूल्यांकन और संपत्तियों पर कब्जे से संबंधित खबरों पर सवाल उठाए। आसिम राजा ने कहा कि मीडिया में अटकलों के आधार पर खबरें चलाने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन के पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं और मामले में कानूनी लड़ाई जारी है।

आजम खान के सपने से जुड़ी है जौहर यूनिवर्सिटी

आसिम राजा ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना रामपुर में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। उनके मुताबिक, आजम खान ने रामपुर में एक बड़े शैक्षणिक संस्थान की स्थापना का सपना देखा था, जिसे साकार करने के लिए यूनिवर्सिटी बनाई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान के खिलाफ की जा रही कानूनी कार्रवाइयों के पीछे सरकार की मंशा है। हालांकि, यह आरोप आसिम राजा ने लगाए हैं और इस संबंध में सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान से जुड़े मामले में तथ्यों और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखकर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

बैंक खातों और शिक्षकों के वेतन का उठाया मुद्दा

प्रेस वार्ता के दौरान आसिम राजा ने जौहर यूनिवर्सिटी के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने और शिक्षकों के वेतन में देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कानूनी प्रक्रिया के बाद बैंक खाते दोबारा खुल गए और शिक्षकों का वेतन भी जारी कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों का असर संस्थान के कामकाज और वहां कार्यरत शिक्षकों पर भी पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी कार्रवाई के संबंध में सही जानकारी सामने आए, ताकि कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति न बने।

इमारतों के मूल्यांकन को लेकर क्या बोले आसिम राजा?

जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों का मूल्यांकन किए जाने और उन पर ईडी की संभावित कार्रवाई से जुड़ी खबरों पर आसिम राजा ने कहा कि मीडिया में चल रही चर्चाओं को अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2006 से 2012 के बीच बनाई गई इमारतों से संबंधित जरूरी दस्तावेज यूनिवर्सिटी प्रबंधन के पास मौजूद हैं। उनके मुताबिक, संपत्तियों को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।

आसिम राजा ने कहा कि किसी संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई और उस पर मालिकाना हक का निर्धारण अलग-अलग कानूनी पहलू हैं। उन्होंने दावा किया कि कानून के तहत ऐसी कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। हालांकि, ईडी की ओर से संपत्तियों को लेकर की जा रही कार्रवाई की वास्तविक स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से ही हो सकेगी।

संविधान और अल्पसंख्यक दर्जे का दिया हवाला

आसिम राजा ने प्रेस वार्ता के दौरान संविधान और जौहर यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान से जुड़े मामलों में उसके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध दस्तावेजों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने भरोसा जताया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन और उससे जुड़े लोग कानूनी स्तर पर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। उनके मुताबिक, संस्थान के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक चर्चाओं के बीच आसिम राजा की प्रेस वार्ता ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। सपा नेता ने जहां मीडिया में प्रकाशित खबरों पर सवाल उठाए, वहीं यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों और कानूनी अधिकारों पर भरोसा जताया।

फिलहाल, ईडी की संभावित कार्रवाई और यूनिवर्सिटी की संपत्तियों से जुड़े मामले में आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर निगाहें टिकी हैं। संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कानूनी प्रक्रिया के अगले कदम सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया News 14 Today के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts