नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात के बाद बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं। वहीं, कश्मीर को लेकर कथित विवादित नारों के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और देश के खिलाफ गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इमरान मसूद ने बताया कि वह शुक्रवार को जामिया विश्वविद्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि जब लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू हैं, तो छात्र संघ के चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र संघ की बहाली की मांग की। मसूद के मुताबिक, छात्र संघ विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अवसर देता है।
कश्मीर के मुद्दे पर कही ये बात
जामिया में कथित विवादित नारों को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि उन्होंने छात्रों के बीच स्पष्ट किया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता के खिलाफ बोलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
मसूद ने दावा किया कि जब वह छात्रों के बीच मौजूद थे, तब वहां कोई भी छात्र कश्मीर को भारत से अलग बताने वाली बात कहता नजर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कथित नारों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
INDIA गठबंधन की रैली पर भी बोले
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली पर मसूद ने कहा कि इसमें गठबंधन से जुड़ी सभी पार्टियां शामिल हो रही हैं। बीजेपी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है।
टिकट बंटवारे पर हाईकमान करेगा फैसला
आगामी चुनावों में टिकट वितरण को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट किसे मिलेगा, इसका निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा।
जामिया में छात्रों से मुलाकात के बाद मसूद ने छात्र संघ की बहाली, कश्मीर और विपक्षी गठबंधन की रैली जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। अब देखना होगा कि छात्र संघ चुनाव की मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कदम उठाता है।

