सहारनपुर : कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को लेकर लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के बयान से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। सहारनपुर के गुर्जर भवन में गोरक्षा दल के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नंद किशोर गुर्जर ने इकरा हसन के गुर्जर समाज से जुड़ाव के दावे का जिक्र करते हुए उनके विवाह को लेकर टिप्पणी की। विधायक ने कहा कि यदि इकरा हसन खुद को गुर्जर मानती हैं तो किसी हिंदू गुर्जर युवक से शादी करें, इसके बाद समाज उन्हें परिवार की बेटी के रूप में स्वीकार करेगा।

‘हिंदू गुर्जर युवक से शादी करें’
कार्यक्रम में नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि कैराना सांसद इकरा हसन ने खुद को गुर्जर समाज से जुड़ा बताया है। उन्होंने दावा किया कि समाज के कुछ लोगों ने चुनाव के दौरान इकरा हसन को समर्थन दिया था। इसी संदर्भ में विधायक ने कहा कि अगर वह वास्तव में गुर्जर समाज को अपना मानती हैं तो किसी हिंदू गुर्जर युवक से विवाह करें।
उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज में पढ़े-लिखे और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं की कमी नहीं है। उनके अनुसार समाज में डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और पीसीएस अधिकारी भी हैं। विधायक ने यहां तक कहा कि यदि इकरा हसन पहल करती हैं और किसी हिंदू गुर्जर युवक को पसंद करती हैं तो समाज उनकी शादी कराने में सहयोग करने के लिए तैयार है।
नंद किशोर गुर्जर ने अपने बयान को राजनीतिक न बताते हुए सामाजिक संदर्भ में पेश किया। हालांकि, एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की ओर से महिला सांसद के निजी विवाह को सार्वजनिक मंच से उठाए जाने के कारण यह टिप्पणी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गई है।
भाजपा विधायक ने अपने संबोधन में चुनावी राजनीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मुस्लिम गुर्जरों ने भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को वोट नहीं दिया। इसी दौरान उन्होंने इकरा हसन के गुर्जर समाज से संबंध को लेकर अपनी टिप्पणी रखी।
विधायक ने कहा कि यदि गुर्जर समाज के लोगों ने इकरा हसन को अपना समर्थन दिया है तो सामाजिक रिश्ते को लेकर भी स्पष्टता होनी चाहिए। उन्होंने इकरा हसन को हिंदू गुर्जर युवक से विवाह करने की बात इसी संदर्भ में कही। उनके बयान का वीडियो और रिपोर्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
इकरा के पुराने बयान का भी आया संदर्भ
नंद किशोर गुर्जर की टिप्पणी के पीछे इकरा हसन के करीब एक साल पुराने बयान का भी जिक्र किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इकरा हसन सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के एक गुर्जर बहुल गांव में पहुंची थीं। वहां उन्होंने लोगों के बीच खुद को क्षेत्र की बेटी बताते हुए सवाल किया था कि क्या वह उनकी बेटी नहीं हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इकरा हसन ने उस समय कहा था कि चुनाव में अलग-अलग धर्म और जातियों के लोगों ने उन्हें समर्थन दिया था और वह सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करती हैं। उन्होंने विरोध के दौरान महिलाओं और समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया था। इसी पुराने संदर्भ को अब भाजपा विधायक के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है।
इमरान मसूद और सपा पर भी निशाना
कार्यक्रम में नंद किशोर गुर्जर ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता क्षेत्र के विकास के बजाय मंदिर-मस्जिद से जुड़े मुद्दों को ज्यादा उठाते हैं। उन्होंने गुर्जर, जाट, सैनी, पाल, प्रजापति और कश्यप सहित विभिन्न समाजों से एकजुट होने की अपील भी की। ये टिप्पणियां विधायक के संबोधन का हिस्सा थीं।
बयान के बाद सियासी बहस तेज
इकरा हसन की निजी जिंदगी और विवाह को लेकर दिए गए इस बयान ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर विधायक ने इसे समाज और सामाजिक रिश्तों के संदर्भ में बताया, वहीं बयान का केंद्र महिला सांसद की निजी पसंद और विवाह को बनाए जाने के कारण इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
इकरा हसन की ओर से इस ताजा टिप्पणी पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया सामने आने तक विवाद का केंद्र नंद किशोर गुर्जर का बयान ही बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा को और बढ़ा सकती हैं।

