चंपावत : उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा में रविवार को पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमा से सटे एनएचपीसी परिसर में हुई बैठक में वन भूमि, भूमिधरी अधिकार, पंतनगर एयरपोर्ट, संपत्ति लेन-देन और वित्तीय प्रबंधन समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य गठन के करीब 26 साल बाद चंपावत में हुई यह पहली कैबिनेट बैठक थी।
अब जिलों में भी होंगी कैबिनेट बैठकें
बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय समस्याओं, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और विकास की जरूरतों को सीधे शासन के सामने रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों को देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। बनबसा में बैठक के जरिए सरकार ने सीमांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को शासन के केंद्र में रखने का संदेश दिया।
वन भूमि के लिए PMU को मंजूरी
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन आरेखन की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई यानी PMU के गठन को मंजूरी दी। इसके लिए छह पदों को स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टाधारकों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। नैनीताल के लालकुआं और देहरादून के डोईवाला-रिस्पना क्षेत्र में भूमि विनियमितीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 66.29 करोड़
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए उत्तराखंड ट्रेड एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई। यह राशि नवनिर्माण और निर्धारित कार्यों पर खर्च की जाएगी।
कैबिनेट ने संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े लेन-देन में क्रेता-विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से दिए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने को भी मंजूरी दी।
युवाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े फैसले
बैठक में युवाओं से जुड़े प्रस्तावों के साथ डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और कुक्कुट पालकों को सब्सिडी देने से संबंधित फैसले भी लिए गए। बैठक से पहले सरकार की ओर से युवाओं से संवाद और उनकी जरूरतों को लेकर प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके साथ ही उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
लोक संस्कृति की दिखी झलक
बनबसा बैठक में चंपावत की लोक संस्कृति को भी प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को देवीधुरा की बग्वाल परंपरा से जुड़ी पारंपरिक फर्रा/छन्तोली भेंट की गई। बांस या रिंगाल की खपच्चियों से तैयार यह पारंपरिक ढाल चंपावत की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है।
इस तरह बनबसा की कैबिनेट बैठक में एक तरफ प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों पर मुहर लगी, तो दूसरी ओर सरकार ने प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में जाकर शासन की प्राथमिकताओं को सीधे स्थानीय स्तर से जोड़ने का संदेश भी दिया।

