लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, सरकारी भर्तियों और युवाओं के रोजगार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान और सुरक्षा का संकट था, लेकिन आज प्रदेश की पहचान प्रतिभाशाली युवाओं, उद्योगों और विकास की उपलब्धियों से हो रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेटियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजना पड़ता था, जबकि आज महिलाएं रात दो बजे भी ड्यूटी खत्म करके बेखौफ घर लौट रही हैं।
आठ फ्रेम में बताई यूपी के बदलाव की कहानी
मंगलवार को लखनऊ के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लोकप्रिय ‘बिफोर एंड आफ्टर’ रील का उदाहरण दिया। उन्होंने आठ फ्रेम के जरिए प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान हुए बदलावों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सरकारी भर्तियों में योग्यता, खिलाड़ियों को नौकरी, युवाओं के रोजगार, आधुनिक तकनीक, अर्थव्यवस्था, निवेश, बुनियादी ढांचे और पर्यटन को प्रदेश के विकास से जुड़े प्रमुख बिंदु बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब युवाओं को रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बेटियों की सुरक्षा में बदलाव का किया दावा
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में परिवार बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। गरीब परिवारों की बेटियों के लिए स्कूल जाना भी चुनौतीपूर्ण था।
उन्होंने लखनऊ स्थित एचसीएल में काम करने वाली महिला कर्मचारियों का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बाराबंकी, उन्नाव और सीतापुर से आने वाली महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करती हैं। बातचीत के दौरान जब उनसे रात में घर लौटने की परेशानी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वे रात दो बजे भी ड्यूटी खत्म होने के बाद घर लौटती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का उदाहरण बताया।
माफिया के प्रभाव से विकास की ओर बढ़ा प्रदेश
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले प्रदेश में अपराधियों और माफिया का प्रभाव था, जबकि अब उनकी जगह जिलों के विशिष्ट उत्पादों को पहचान मिल रही है। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ की स्थिति से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ तक के बदलाव का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनसे 3.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध कराने की बात भी कही।
साढ़े नौ लाख सरकारी नियुक्तियों का दावा
सरकारी भर्तियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नियुक्तियों में सिफारिश और लेनदेन की शिकायतें सामने आती थीं। अब सरकार योग्यता के आधार पर चयन कर रही है। उनके अनुसार, साढ़े नौ वर्षों में लगभग 9.5 लाख सरकारी नियुक्तियां की गई हैं और अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह करीब 4,500 सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। वहीं, 32 हजार से अधिक पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की बात भी कही।
खिलाड़ियों और स्टार्टअप को मिल रहा प्रोत्साहन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 1,400 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने पारुल चौधरी, राजकुमार पाल और ललित उपाध्याय का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मान के साथ रोजगार भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 25 हजार हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत हर साल एक लाख युवाओं को बिना ब्याज और बिना गारंटी ऋण देने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अवसर, महिलाओं को सुरक्षा और उद्योगों को अनुकूल माहौल देना प्रदेश के विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान युवाओं के विश्वास और बढ़ते अवसरों की कहानी है।

