आगरा : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर प्रदर्शन और दीवार-गेट पर आपत्तिजनक नारे लिखने के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है। गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू आगरा पहुंचे और जिला जेल में बंद पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता मुकदमों और जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। पार्टी ने इस मामले को लेकर आगरा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
सीईसी आवास पर प्रदर्शन के बाद छह गिरफ्तार
मामला 28 सितंबर का है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान गेट और दीवार पर स्प्रे पेंट से नारे लिखे गए और आवास को क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस मामले में कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में कांग्रेस प्रदेश महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर भी शामिल हैं। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस की एफआईआर में दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, घर में घुसने और जानलेवा हमले समेत कई आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। कांग्रेस इन आरोपों और लगाई गई धाराओं को लेकर आपत्ति जता रही है।
जेल में बंद नेताओं से मिले अजय लल्लू
जिला जेल में बंद कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखेगी।
लल्लू ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘चोर’ और ‘वोट चोर’ कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के मतदान के अधिकार से जुड़े सवाल उठाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं, जबकि चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का अपना पक्ष है।
यूपी में बड़े आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस के ब्रज क्षेत्र प्रभारी कुणाल चौधरी ने कहा कि पार्टी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि आगरा में गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं के मामले को लेकर पार्टी जल्द बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुकदमे में लगाई गई धाराओं को लेकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इससे पहले कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर मामले की धाराओं पर सवाल उठाए थे।
प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक टकराव
सीईसी के आवास पर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के साथ कथित मारपीट हुई, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराएं लगाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारियों के बावजूद पार्टी पीछे नहीं हटेगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कांग्रेस इस मामले को लेकर आगरा में अपना आंदोलन किस रूप में आगे बढ़ाती है और पुलिस की जांच में मामले से जुड़े अन्य लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।

