संभल : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मंगलवार को संभल के चंदौसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, विपक्षी गठबंधन और EVM के मुद्दे पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जनसभा से पहले पार्टी के जिलाध्यक्ष शहजाद आलम के आवास पर हुई प्रेसवार्ता में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए किसी दल के दरवाजे पर नहीं जाएगी।
चंद्रशेखर ने कहा कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार पर लगातार काम कर रही है। हाल ही में पार्टी ने 42 और विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारी घोषित किए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में पार्टी की ओर से घोषित विधानसभा प्रभारियों की संख्या 87 हो गई है। पार्टी की दूसरी सूची में संभल की चंदौसी सीट भी शामिल है। यहां रमेश गंधर्व को जिम्मेदारी दी गई है।
‘जनता का गठबंधन जिसके साथ, उसे दरवाजे की जरूरत नहीं’
विपक्षी दलों के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी किसी के घर के चक्कर नहीं काट रही है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ उनका गठबंधन है और जिसे जनता का समर्थन हासिल है, उसे किसी दूसरे दरवाजे पर जाने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो भी दल बीजेपी को हराने की बात करते हैं, उन्हें एमएलसी चुनाव में अपनी ताकत दिखानी चाहिए। हालांकि, गठबंधन को लेकर चंद्रशेखर पहले भी अलग-अलग मौकों पर बड़े विपक्षी गठबंधन की जरूरत की बात कह चुके हैं।
रोजगार और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नौजवान बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने संभल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए हत्या की घटनाओं का जिक्र किया।
ये सरकार के खिलाफ चंद्रशेखर आजाद के राजनीतिक आरोप हैं।
EVM पर फिर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने EVM को लेकर भी अपनी स्थिति दोहराई। उन्होंने कहा कि वह EVM के विरोधी हैं और चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर रखा।
EVM को लेकर उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मायावती ने भी हाल में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। मायावती ने नगीना लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद की जीत को लेकर आरोप लगाए थे। चंद्रशेखर ने जवाब में कहा था कि चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाना सभी का अधिकार है, लेकिन नगीना की जनता के जनादेश को साजिश बताना उचित नहीं है।
87 सीटों पर बढ़ी चुनावी तैयारी
आजाद समाज पार्टी की ओर से यूपी में 87 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारी घोषित किए जाने के बाद पार्टी की चुनावी तैयारियां तेज दिखाई दे रही हैं। सितंबर में जारी दूसरी सूची में पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई जिलों की सीटों को शामिल किया गया है। पार्टी इन नियुक्तियों को संगठन विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़ रही है।

