सहारनपुर : बेहट कोतवाली क्षेत्र में कूटरचित रॉयल्टी के जरिए उपखनिज का परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान खनिज से लदे एक ट्रक को रोककर दस्तावेजों की जांच की तो उसकी रॉयल्टी में गड़बड़ी मिली। जांच में रॉयल्टी कूटरचित पाए जाने के बाद पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। खनिज से लदे ट्रक को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। मामले में खान निरीक्षक की तहरीर पर ट्रक चालक, वाहन स्वामी, सिक्योरिटी पेपर होल्डर, क्रशर से जुड़े लोगों और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार शनिवार रात पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र में उपखनिज से भरे वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर उपखनिज लेकर जा रहे एक ट्रक पर पड़ी। टीम ने ट्रक को रोककर चालक से खनिज परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और रॉयल्टी प्रस्तुत करने को कहा।
चालक की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच शुरू की गई तो रॉयल्टी को लेकर संदेह पैदा हुआ। संबंधित दस्तावेजों का मिलान करने पर रॉयल्टी में अनियमितता सामने आई। अधिकारियों ने रॉयल्टी की जांच की तो उसके कूटरचित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
खान निरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा
मामले में खान निरीक्षक अभिलाष चौबे की तहरीर पर बेहट कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में ट्रक चालक ईशाक अली निवासी मदनपुरा, थाना बिहारीगढ़, वाहन स्वामी, सिक्योरिटी पेपर होल्डर चौधरी एसोसिएट्स के साझीदार प्रिंस चौधरी निवासी बाकरपुर (स्टोन क्रशर), मुंशी संजय ठाकुर और अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस ने आरोपी चालक ईशाक अली को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं खनिज से लदे ट्रक को सीज कर दिया गया है। पुलिस अब एफआईआर में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि कूटरचित रॉयल्टी तैयार कैसे हुई और इसके आधार पर उपखनिज का परिवहन किस स्तर पर कराया गया।
दस्तावेजों की जांच से सामने आया मामला
सीओ शशि प्रकाश शर्मा के अनुसार, चेकिंग के दौरान ट्रक को रोककर उसके परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसी जांच में रॉयल्टी कूटरचित पाई गई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चालक को गिरफ्तार किया गया और वाहन सीज कर दिया गया।
खान निरीक्षक की तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कूटरचित रॉयल्टी के माध्यम से उपखनिज का परिवहन किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामला केवल ट्रक चालक तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। जांच अधिकारियों के सामने यह सवाल भी है कि रॉयल्टी तैयार करने या उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका थी और दस्तावेजों का इस्तेमाल कितने वाहनों में किया गया।
पुलिस दस्तावेजों के अलावा वाहन से संबंधित रिकॉर्ड और परिवहन प्रक्रिया से जुड़े अन्य कागजात की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट
खान विभाग की ओर से मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। विभाग और पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उपखनिज परिवहन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल आरोपी चालक पुलिस की गिरफ्त में है और ट्रक सीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नामजद आरोपियों और अन्य संदिग्ध लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

