सहारनपुर : भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देशसेवा करने का सपना लिए बिजनौर जिले के युवाओं ने अग्निवीर भर्ती रैली में अपना दमखम दिखाया। नजीबाबाद, बिजनौर और धामपुर तहसीलों से पहुंचे युवाओं ने जोश, अनुशासन और शानदार शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए भर्ती मैदान में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। कुल 1,115 अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया, जिनमें से 880 युवाओं ने दौड़ सफलतापूर्वक पास कर अगली चुनौती की ओर कदम बढ़ाया।

ARO मेरठ के अंतर्गत डॉ. भीमराव आंबेडकर ग्राउंड, सहारनपुर में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान बिजनौर जिले की नजीबाबाद, बिजनौर और धामपुर तहसीलों के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। भर्ती के लिए कुल 1,250 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें से 1,115 युवा रनिंग के लिए भर्ती मैदान में पहुंचे। सुबह से ही मैदान में युवाओं का उत्साह देखने लायक था। सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना लिए अभ्यर्थी पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ दौड़ के लिए मैदान में उतरे।
PRO सेल प्रभारी अनिल शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच युवाओं ने अपनी शारीरिक क्षमता की परीक्षा दी। तेज रफ्तार, मजबूत हौसले और अनुशासन के साथ दौड़ते अभ्यर्थियों ने साबित कर दिया कि सेना में शामिल होने का उनका सपना केवल इच्छा नहीं, बल्कि उसके लिए की गई कड़ी मेहनत का परिणाम है। दौड़ के दौरान मैदान का माहौल भी देशभक्ति से सराबोर नजर आया और भारत माता की जय तथा जय हिन्द के नारों से वातावरण गूंज उठा।
दौड़ में 880 अभ्यर्थियों की सफलता उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि सेना तक पहुंचने का सफर अभी आगे की विभिन्न प्रक्रियाओं से होकर गुजरना है, लेकिन रनिंग में सफलता ने इन युवाओं के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। युवाओं का कहना था कि भारतीय सेना में शामिल होना उनके लिए केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि देश की सेवा करने का गौरवपूर्ण माध्यम है। भर्ती के लिए उन्होंने लंबे समय तक शारीरिक अभ्यास और तैयारी की थी। मैदान में उतरते समय उनके सामने सिर्फ एक लक्ष्य था—भारतीय सेना का हिस्सा बनना और देश की सेवा करना।
बिजनौर के नजीबाबाद, बिजनौर और धामपुर क्षेत्र के युवाओं का यह प्रदर्शन पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। इन युवाओं ने यह संदेश भी दिया कि मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के साथ किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। आज सैकड़ों युवाओं ने अपने सपनों की ओर एक और तेज कदम बढ़ाया। दौड़ में सफल हुए 880 युवाओं की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो भारतीय सेना में भर्ती होकर देशसेवा करने का सपना अपने दिल में संजोए हुए हैं।

