सहारनपुर : जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की मंगलवार शाम विकास भवन सभागार में हुई बैठक में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच राजनीतिक तल्खी खुलकर सामने आ गई। विकास कार्यों से जुड़े एक सवाल को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान विधायक की ‘चाय-पकौड़ी’ वाली टिप्पणी और सांसद के जवाब से बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। दोनों के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
आपको बता दें कि दिशा बैठक की अध्यक्षता सांसद इमरान मसूद कर रहे थे। इसमें जनप्रतिनिधियों के अलावा जिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसी दौरान सहारनपुर देहात से सपा विधायक आशु मलिक ने बेहड़ा संदल गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब चार वर्ष पहले बनी सड़क का मुद्दा उठाया। जिसे लेकर विधायक आशु मलिक ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान नाला अधूरा छोड़ दिया गया था। इसके कारण बारिश का पानी कब्रिस्तान और खेतों में जा रहा है। उन्होंने नाले का निर्माण पूरा कराने की मांग करते हुए अधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई की जानकारी मांगी। जिस पर संबंधित अधिकारी ने बताया कि नाले का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नहीं आता। इस जवाब पर विधायक आशु मलिक ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछली दिशा की बैठक में भी उठाया गया था और उस समय भी उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई थी।
इसी दौरान सांसद इमरान मसूद और विधायक आशु मलिक के बीच बहस शुरू हो गई। सांसद ने बैठक की प्रक्रिया और नियमों के तहत अपनी बात रखने की बात कही। विधायक ने जवाब दिया कि सवाल जनता की समस्या से जुड़ा है और वह अधिकारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। बहस के दौरान विधायक आशु मलिक ने कहा कि वह जनता की समस्याएं उठाने के लिए बैठक में आए हैं, चाय-पकौड़ी खाने नहीं आए। इस पर सांसद इमरान मसूद ने जवाब दिया कि चाय-पकौड़ी कौन खिला रहा है। सांसद ने विधायक से बैठक की प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने और अधिकारियों को भी जवाब देने का मौका देने को कहा।
मामला बढ़ता देख सांसद ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि बेहड़ा संदल गांव में सड़क और नाले से जुड़े पूरे मामले की बिंदुवार जानकारी तैयार कर एक सप्ताह के भीतर विधायक को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद बैठक आगे बढ़ी। बैठक में हुई इस नोकझोंक का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि बाद में सांसद इमरान मसूद ने मामले को ज्यादा तूल नहीं देते हुए कहा कि बैठकों में इस तरह की बातें होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में सबसे ज्यादा सवाल आशु मलिक ने ही किए हैं।
सांसद इमरान मसूद मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि वे सभी धर्मों और संविधान का सम्मान करते हैं। संविधान ने उन्हें मौलिक अधिकार दिए हैं जिसके चलते वे राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े हो सकते हैं लेकिन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को गायेंगे नहीं। उनके मज़हब में सिर्फ अल्लाह की इबादत की जाती है किसी और की नहीं। कांवड़ यात्रा और दशहरा पर्व में शामिल होने के सवाल पर कहा कि “तू मेरे धर्म का सम्मान कर, मैं तेरे धर्म का सम्मान करूंगा”

