सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में धमाके के मामले में मालिक गिरफ्तार, लाइसेंस से ज़्यादा बारूद रखने और बैन पटाखे बनाने का आरोप

Kundabasi Gangoh Accident Explosion

सहारनपुर : एक बड़ी घटना में, सहारनपुर पुलिस ने गंगोह थाना इलाके के नया कुंडा में राणा फायर वर्क्स पटाखा फैक्ट्री में हुए बड़े धमाके के मामले में फैक्ट्री संचालक हसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने, तय लिमिट से ज़्यादा विस्फोटक रखने, बैन पटाखे बनाने और मज़दूरों की जान खतरे में डालने का आरोप है। इस लापरवाही की वजह से धमाके में दो मज़दूरों की मौत हो गई, जबकि दो अभी भी लापता हैं। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Gangoh Fireworks Factory Explosion, Kundabasi Gangoh Accident Explosion

SSP अभिनंदन सिंह ने बताया कि 24 जुलाई 2026 को गंगोह थाना इलाके के नया कुंडा गांव के जंगल में एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। धमाके में मध्य प्रदेश के दो मज़दूरों के चीथड़े उड़ गए, जिनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लापता हो गए। गंगोह थाने के सब-इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार की शिकायत पर केस नंबर 355/2026 दर्ज किया गया। यह केस इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 288 और 105 और एक्सप्लोसिव एक्ट के सेक्शन 5/9B के तहत दर्ज किया गया। FIR के मुताबिक, फैक्ट्री में लाइसेंस से ज़्यादा एक्सप्लोसिव मटीरियल था और बैन पटाखे बनाए जा रहे थे। आरोप है कि मज़दूरों को बिना सेफ्टी स्टैंडर्ड्स फॉलो किए काम करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे एक बड़ा धमाका हुआ जिसमें दो मज़दूरों की जान चली गई।

SSP ने बताया कि इंस्पेक्टर-इन-चार्ज इंद्रेश कुमार की लीडरशिप में पुलिस टीम ने सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस, रूरल और सर्कल ऑफिसर, गंगोह की देखरेख में यह ऑपरेशन किया। एक मुखबिर से मिली जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, आरोपी हसन, बेटा नौसैर अली, निवासी असालतपुर फर्रुखनगर, टीला मोड़ पुलिस स्टेशन, ज़िला गाजियाबाद को 25 जुलाई को दूधला-गंगोह रोड पर सत्संग भवन के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। धमाके की वजह, फैक्ट्री में सेफ्टी स्टैंडर्ड का पालन और दूसरे संभावित दोषियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि 24 जुलाई को हुए धमाके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया था। रेस्क्यू टीम ने घंटों तक ऑपरेशन चलाया, जिसमें दो वर्करों की लाशें बरामद हुईं, जबकि दो अन्य की तलाश काफी देर तक जारी रही। इस घटना ने गैर-कानूनी स्टोरेज और सेफ्टी नियमों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, वह करीब 10 एकड़ में फैली हुई है। बड़ी संख्या में वर्कर पटाखे बनाने के काम में लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि हादसे के समय फैक्ट्री परिसर में कुल 23 वर्कर मौजूद थे, हालांकि धमाके वाली जगह पर सिर्फ चार ही काम कर रहे थे। जोरदार धमाके की वजह से बाकी वर्कर किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकले। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। फैक्ट्री के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा था: इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ? अगर सेफ्टी के पूरे इंतज़ाम थे, तो धमाका इतना भयानक क्यों था? क्या कोई लापरवाही हुई या नियमों का पालन नहीं किया गया? इन सवालों के जवाब तो जांच के बाद ही पता चलेंगे।

इस हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले दीपराज देवड़ा (20) और संदीप देवड़ा (22) की दर्दनाक मौत हो गई। दीपराज कॉन्ट्रैक्टर का काम करता था और बेहतर नौकरी की उम्मीद में अपने साथियों के साथ सहारनपुर आया था। लेकिन किसे पता था कि जिस फैक्ट्री में उसने अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत की थी, वहीं उसकी ज़िंदगी खत्म हो जाएगी। सबसे दुखद मंज़र तब सामने आया जब रेस्क्यू टीम को फैक्ट्री के मलबे में एक लाश दबी हुई मिली, जबकि दूसरी करीब 100 मीटर दूर एक खेत के किनारे पड़ी मिली। लाशें इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत थीं कि उनकी पहचान करना मुश्किल था। चारों ओर बिखरे शरीर के टुकड़े, खून और मलबे को देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ गए। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में इतना भयानक हादसा कभी नहीं देखा था। हादसे के बाद से दो और मज़दूर, आकाश रावत और लालू पिपराड़, लापता हैं। प्रशासन को डर है कि वे मलबे में दबे हो सकते हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया News 14 Today के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts