बिजली चोरी की जांच में लापरवाही, उन्नाव में विजिलेंस टीम पर उठे सवाल; 10.90 लाख की राजस्व हानि

Vigilance Team Commits Scam

उन्नाव : बिजली चोरी रोकने के लिए गठित विजिलेंस टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। सिधौली स्थित एक आटा चक्की में 22 जुलाई को हुई चेकिंग के दौरान बिजली चोरी के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। बाद में विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों ने विजिलेंस की शुरुआती रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए। जांच में विभाग को 10 लाख 90 हजार 376 रुपये की संभावित राजस्व हानि होने की बात सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम…

सहारनपुर में शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई जुमे की नमाज, पुलिस-प्रशासन ने ली राहत की सांस

सहारनपुर में शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई जुमे की नमाज, पुलिस-प्रशासन ने ली राहत की सांस कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के बाद शहर में रहा कड़ा सुरक्षा पहरा, जामा मस्जिद समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ तैनात; ड्रोन से निगरानी सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर सहारनपुर पुलिस और प्रशासन की बड़ी परीक्षा थी। मस्जिद प्रकरण के बाद मुस्लिम समुदाय में बने आक्रोश और किसी संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर लिए थे। सुबह से ही शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। जामा मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के जवान मुस्तैद रहे। हालांकि, शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और नमाज के बाद भी कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पूरे जिले में स्थिति सामान्य रहने से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित पुरानी मस्जिद को कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्त किया गया था। कार्रवाई के बाद मुस्लिम समुदाय में नाराजगी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को आशंका थी कि जुमे की नमाज के बाद विरोध या तनाव की स्थिति बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। नमाज से पहले अधिकारियों ने की अपील जुमे की नमाज से पहले पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। प्रशासन की अपील का असर भी दिखाई दिया। लोगों ने संयम का परिचय दिया और शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की। नमाज खत्म होने के बाद लोग बिना किसी विरोध या प्रदर्शन के अपने-अपने काम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान न तो नारेबाजी हुई और न ही किसी तरह का तनाव देखने को मिला। एसएसपी और एसपी सिटी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए एसएसपी अभिनंदन सिंह और एसपी सिटी व्योम बिंदल के नेतृत्व में पुलिस ने घंटाघर से जामा मस्जिद और आसपास के इलाकों में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रमुख स्थानों के अलावा आसपास की छतों पर भी पुलिस की नजर रही। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को अलर्ट रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई। पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद आम जनजीवन सामान्य रहा और लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी नहीं हुई। सोशल मीडिया पर भी निगरानी डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के बाद जुमे की नमाज को लेकर पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना थी। इसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी की गई थी। इंटेलिजेंस टीमों को सक्रिय किया गया था और सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी गई। डीआईजी के मुताबिक शुक्रवार को नमाज के दौरान माहौल पूरी तरह शांत रहा। नमाज के बाद भी स्थिति सामान्य बनी रही। किसी तरह के विरोध प्रदर्शन या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। उन्होंने कहा कि लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाई। अफवाहों से दूर रहने की अपील पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी भ्रामक या अपुष्ट सूचना को बिना सत्यापन के आगे साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि अफवाहें माहौल खराब करने का कारण बन सकती हैं, इसलिए लोगों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सिर्फ पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। आपसी भाईचारा और संयम बनाए रखने से किसी भी तनावपूर्ण स्थिति को टाला जा सकता है। कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज का शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी, अधिकारियों की सक्रिय निगरानी और लोगों के संयम के चलते सहारनपुर में पूरा दिन सामान्य रहा। नमाज के दौरान और उसके बाद कोई अप्रिय घटना नहीं होने से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।

कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के बाद शहर में रहा कड़ा सुरक्षा पहरा, जामा मस्जिद समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ तैनात; ड्रोन से निगरानी सहारनपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर सहारनपुर पुलिस और प्रशासन की बड़ी परीक्षा थी। मस्जिद प्रकरण के बाद मुस्लिम समुदाय में बने आक्रोश और किसी संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर लिए थे। सुबह से ही शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा।…