सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद में स्वामी प्रबोधानन्द गिरि का प्रशासन को समर्थन, बोले- ‘कप्तान ने बहादुरी का काम किया’

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सहारनपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रबोधानन्द गिरि गुरुवार को सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन से मुलाकात कर कलेक्ट्रेट परिसर में हुई कार्रवाई और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। मुलाकात के बाद स्वामी प्रबोधानन्द ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए एसएसपी की जमकर सराहना की।

स्वामी प्रबोधानन्द गिरि ने कहा कि सहारनपुर के पुलिस कप्तान ने बहादुरी का काम किया है। उनके मुताबिक कलेक्ट्रेट परिसर पहले पूरी तरह सुरक्षित नहीं था, लेकिन कार्रवाई के बाद प्रशासनिक परिसर को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने इसके लिए पुलिस और प्रशासन को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट शासन और प्रशासन के कामकाज का प्रमुख स्थान है। ऐसे स्थान पर नमाज पढ़ने का कोई औचित्य नहीं है। स्वामी प्रबोधानन्द ने आरोप लगाया कि नमाज के नाम पर परिसर में व्यापारिक गतिविधियां भी संचालित की जाती थीं। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट प्रशासनिक कार्यों के लिए है और वहां किसी भी तरह की व्यापारिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए।

कलेक्ट्रेट में कुआं मिलने का दावा

स्वामी प्रबोधानन्द ने कलेक्ट्रेट परिसर में कुआं मिलने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में कुएं का धार्मिक महत्व है। विवाह समेत कई धार्मिक परंपराओं में कुएं से जुड़े अनुष्ठान किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी स्थान पर अवैध तरीके से मस्जिद का निर्माण किया गया था।

एसएसपी अभिनंदन से हुई बातचीत का हवाला देते हुए स्वामी ने कहा कि पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। कुएं की स्थिति और उससे जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

ध्वस्तीकरण को लेकर स्वामी प्रबोधानन्द ने कहा कि प्रशासन ने मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद कार्रवाई की है। उन्होंने मस्जिद पक्ष की ओर से जमीन पर अधिकार के दावे पर भी सवाल उठाया। स्वामी ने कहा कि यदि जमीन वास्तव में वक्फ बोर्ड की थी तो संबंधित पक्ष को उसके दस्तावेज अदालत के सामने पेश करने चाहिए थे।

उन्होंने कहा कि मामला सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर जिला अदालत तक पहुंचा। उनके मुताबिक अदालत में जमीन पर अधिकार साबित करने वाले पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसी आधार पर उन्होंने दूसरे पक्ष के दावे को खारिज करने की बात कही।

स्वामी प्रबोधानन्द ने कहा कि भारत संविधान और कानून से चलता है। देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कानून का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी को भी गुंडागर्दी या दादागिरी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

मुख्यमंत्री योगी की तारीफ

स्वामी प्रबोधानन्द गिरि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नियम-कानून के अनुसार व्यवस्था चल रही है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को देश का अद्वितीय मुख्यमंत्री बताते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की।

मस्जिद पक्ष की ओर से कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने के सवाल पर स्वामी ने कहा कि यदि किसी को प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति है तो वह हाईकोर्ट जा सकता है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि अदालत जाने से किसी को कोई रोक नहीं है।

पाकिस्तान-बांग्लादेश को लेकर दिया बयान

इसी दौरान स्वामी प्रबोधानन्द ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को लेकर भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान-बांग्लादेश जाना है तो जाओ, किराया हमसे ले जाओ।” उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो संविधान और कानून का पालन करना होगा।

स्वामी ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में अब गुंडागर्दी और दादागिरी नहीं चलेगी। उनका कहना है कि प्रदेश में व्यवस्था संविधान और कानून के अनुसार ही संचालित होनी चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद का मामला अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक बहस का भी केंद्र बन गया है। एक ओर मस्जिद पक्ष कार्रवाई को लेकर कानूनी विकल्प तलाश रहा है, वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों की ओर से प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया जा रहा है। अब इस मामले में जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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