हल्द्वानी : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार को हल्द्वानी पहुंचे। उनके पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। नितिन नवीन उत्तराखंड भाजपा की दो दिवसीय विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के लिए हल्द्वानी पहुंचे हैं।
हल्द्वानी में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर पार्टी ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रदेशभर से भाजपा के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और संगठन के पदाधिकारी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यसमिति के पहले दिन राजनीतिक प्रस्ताव, विकसित उत्तराखंड संकल्प प्रस्ताव और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में कार्यसमिति के दूसरे दिन संगठनात्मक मुद्दों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी मंथन किया जाना है। वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन को चुनावी मोड में लाने, बूथ स्तर पर तैयारियां मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी पहुंचने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगवानी की। इसके बाद कार्यसमिति के दूसरे सत्र की शुरुआत हुई। बैठक में प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की तैयारियों और विकसित उत्तराखंड के रोडमैप पर चर्चा होने की उम्मीद है।
नितिन नवीन का उत्तराखंड का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह गढ़वाल संवाद कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं। इस बार उनके दौरे में कुमाऊं क्षेत्र पर विशेष फोकस रखा गया है। हल्द्वानी में प्रदेश कार्यसमिति और कोर ग्रुप की बैठक के अलावा पूर्व सैनिकों तथा सिख समाज से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अगले दो दिनों में नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए संगठनात्मक संवाद के साथ सामाजिक संपर्क को मजबूत करने की कोशिश भी की जाएगी।
भाजपा के लिए नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। कार्यसमिति में 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति, संगठन की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों पर दिशा तय की जानी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों को लेकर क्या संदेश देते हैं और प्रदेश संगठन को किस दिशा में आगे बढ़ाने की रणनीति सामने आती है।

