सहारनपुर : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट से बरामद 17.29 करोड़ रुपये की नकली करेंसी के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे बैंक मैनेजर अमित कुमार को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। वह इस मामले में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचाने की कथित साजिश में उसकी अहम भूमिका सामने आई है।
NIA ने सोमवार, 7 सितंबर को अमित कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी दी। एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच टीम नकली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के साथ अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
मामले की शुरुआत 29 अगस्त 2026 को हुई, जब सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को PNB की करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली नोट होने की सूचना मिली। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से करीब 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद होने की बात सामने आई। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और करेंसी चेस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। इस मामले में सदर बाजार थाने में FIR संख्या 0431/2026 दर्ज की गई थी। मुकदमा 29 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी ने 3 सितंबर 2026 को केस को री-रजिस्टर कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक मैनेजर अमित कुमार का नाम प्रमुख आरोपी के तौर पर सामने आया। NIA के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। इसके बाद एजेंसी ने उसकी तलाश तेज की और अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। NIA यह भी जांच कर रही है कि करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की एंट्री किस स्तर पर हुई और इसमें बैंक कर्मचारियों की क्या भूमिका थी।
इसके अलावा एजेंसी नकली करेंसी से जुड़े बाहरी नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या नकली नोटों को बैंकिंग सिस्टम में खपाने या असली नोटों के साथ मिलाने की कोई सुनियोजित साजिश थी।
फिलहाल अमित कुमार से पूछताछ और अन्य आरोपियों की तलाश के जरिए NIA इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एजेंसी की आगे की जांच से नकली करेंसी के स्रोत और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

