आगरा : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए आगरा में करीब 1000 पहले से विवाहित महिलाओं द्वारा आवेदन किए जाने का मामला सामने आया है। सत्यापन के दौरान खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने सभी अपात्र आवेदन निरस्त कर दिए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
दरअसल, इस वर्ष आगरा जिले को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1522 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य मिला है। इसके लिए अप्रैल 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। योजना का लाभ लेने के लिए कुल 1201 युवतियों ने आवेदन किया था।
ब्लॉक स्तर पर जब इन आवेदनों का सत्यापन कराया गया तो अधिकारियों को चौंकाने वाली जानकारी मिली। करीब 1000 आवेदकों की शादी पहले ही हो चुकी थी। कई महिलाओं की शादी चार से आठ महीने पहले हुई थी, जबकि कुछ का विवाह एक साल के भीतर हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने सामूहिक विवाह योजना में दोबारा विवाह के लिए आवेदन कर दिया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्रपाल सिंह के अनुसार, सत्यापन के बाद ऐसे सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। सबसे अधिक अपात्र आवेदन बाह, अछनेरा और जैतपुर विकासखंड से सामने आए हैं। अब जिले में करीब 201 पात्र युवतियां ही बची हैं।
अधिकारी के मुताबिक, आवेदन करने वाली महिलाओं ने अलग-अलग तर्क दिए। अधिकतर का कहना था कि जब उनकी शादी तय हुई थी, तब योजना की जानकारी नहीं थी। योजना शुरू होने के बाद उन्होंने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन कर दिया।
डीएम मनीष बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र युवतियों के अधिक से अधिक आवेदन कराए जाएं, ताकि सरकारी योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 64 हजार रुपये वधू के खाते में, 15 हजार रुपये आयोजन पर और 21 हजार रुपये विवाह सामग्री के लिए दिए जाते हैं। इसी सरकारी सहायता का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए गए थे। प्रशासन अब पात्रता की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी में है।

