नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के 17वें दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहा। संसद की कार्यवाही में लगातार हो रहे हंगामे के बीच मंगलवार को NDA सांसदों ने विपक्ष के विरोध के खिलाफ संसद तक मार्च निकाला। इस दौरान बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी से झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब देने की मांग की। NDA सांसदों के हाथों में पोस्टर थे, जिनमें राहुल गांधी से झारखंड में छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे गए। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा से बच रहा है, जबकि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
प्रियंका गांधी से हुआ आमना-सामना
प्रदर्शन के दौरान बीजेपी सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का आमना-सामना भी हुआ। प्रियंका गांधी संसद भवन की ओर जा रही थीं, तभी मुकेश दलाल राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
बीजेपी सांसद ने प्रियंका गांधी से पूछा कि राहुल गांधी झारखंड कब जाएंगे। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं और उनसे बातचीत भी कर चुके हैं। इसके बाद वह आगे बढ़ गईं।
बाद में प्रियंका गांधी ने NDA सांसदों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार सत्ताधारी दल के सांसदों को प्रदर्शन करते देखा है। उन्होंने कहा कि कम से कम विपक्ष ने उन्हें प्रदर्शन करने के लिए मजबूर तो किया।
BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। सांसदों का कहना है कि विपक्ष एक तरफ छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर चर्चा से पीछे हट रहा है।
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। वहीं मनोज तिवारी ने राहुल गांधी से संसद में चर्चा से नहीं भागने की अपील की।
राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी संसद में चर्चा से बच रहे हैं और झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर चुप हैं।
राहुल गांधी ने मांगा स्पष्ट जवाब
इससे पहले राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि विपक्ष गृह मंत्री की केवल राय नहीं सुनना चाहता, बल्कि यह जानना चाहता है कि पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यदि गृह मंत्री ने आदेश नहीं दिया तो गृह मंत्रालय में किस स्तर से निर्देश जारी हुए। उन्होंने सरकार से जिम्मेदारी तय करने और पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
चर्चा पर टिकी नजर
संसद में लगातार जारी गतिरोध के बीच सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव कब खत्म होता है और संसद में इस मामले पर औपचारिक चर्चा कब शुरू होती है।

