
पूरा परिवार दादी की सेवा में जुटा
इस यात्रा में दादी सुनहरी देवी के परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। परिवार के अनुसार, उनके साथ 7 पोते, 6 पड़पोते, 5 पोतियां, 3 पड़पोतियां, 2 बेटियां और 1 नाती इस यात्रा में शामिल हैं। परिवार के सभी सदस्य मिलकर दादी की पालकी को कंधा दे रहे हैं।दादी के पोते जोगिंदर कुमार ने बताया कि उनका परिवार हर साल सावन के महीने में कांवड़ यात्रा करता है। इस बार परिवार ने तय किया कि भगवान शिव की कृपा से उन्हें जीवन में बहुत कुछ मिला है, इसलिए इस बार सबसे पहले परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य को गंगा स्नान कराया जाए।जोगिंदर के मुताबिक, दादी की उम्र 100 साल से अधिक है। उम्र अधिक होने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उनके लिए पैदल यात्रा करना संभव नहीं था। ऐसे में परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर उन्हें अपने कंधों पर पालकी में बैठाकर हरिद्वार ले जाने का निर्णय लिया।परिवार ने दादी को हरिद्वार पहुंचाया, जहां उन्होंने गंगा स्नान किया। इसके बाद भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार ने अब अपने गांव की ओर पैदल लौटने का संकल्प लिया है।
जोगिंदर कुमार का कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं है। यह अपनी दादी के प्रति प्रेम और सम्मान जताने का अवसर है। उनका कहना है कि जिस बुजुर्ग ने परिवार को पूरी जिंदगी अपना प्यार और आशीर्वाद दिया, उसके लिए कुछ कदम चलना या उसे कंधे पर उठाना कोई बोझ नहीं, बल्कि सौभाग्य है।परिवार का मानना है कि बुजुर्गों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म और पुण्य है। यही भावना इस यात्रा को बाकी कांवड़ यात्राओं से अलग बनाती है।
सहारनपुर में बना चर्चा का विषय
जब यह परिवार पालकी में दादी को बैठाकर सहारनपुर से गुजर रहा है तो रास्ते में बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखकर रुक रहे हैं। श्रद्धालु परिवार का उत्साह बढ़ा रहे हैं और कई लोग उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं।सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी कांवड़ यात्रा के वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं। लोग परिवार की सेवा भावना की जमकर तारीफ कर रहे हैं।आज के दौर में जहां कई बार बुजुर्ग माता-पिता और दादा-दादी अकेलेपन का सामना करते हैं, वहीं यह परिवार एक अलग संदेश दे रहा है। यह यात्रा बता रही है कि बुजुर्गों का सम्मान केवल शब्दों या सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके जीवन के अंतिम पड़ाव में उनके साथ खड़ा रहना और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना ही सच्ची सेवा है।

