लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सरकारी कामकाज में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सुल्तानपुर के जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (DRDA) के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ वृहद जांच के आदेश भी दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया जांच में शासकीय पद की गरिमा के विपरीत आचरण, अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना समेत कई आरोप सामने आए हैं।
शासन की ओर से की गई कार्रवाई के मुताबिक अशोक कुमार सिंह पर अपने पदीय दायित्वों के समुचित निर्वहन में भी लापरवाही बरतने का आरोप है। मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के तहत कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि अधिकारी का आचरण नियमावली के नियम-3 के उल्लंघन की श्रेणी में प्रथम दृष्टया आता है।
नियम-7 के तहत शुरू होगी अनुशासनिक कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए अशोक कुमार सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गई है। इसके साथ ही वृहद जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के पक्ष को देखा जाएगा।
वृहद जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में क्या तथ्य सामने आते हैं और उनके आधार पर आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
डिप्टी सीएम ने बताया जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहित और जनसेवा है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता को समयबद्ध तथा पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना होगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा से विमुखता, शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में संदेश
सुल्तानपुर के परियोजना निदेशक के निलंबन को शासन की उस नीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पद की गरिमा और निर्धारित नियमों का पालन करना प्रत्येक सरकारी सेवक की जिम्मेदारी है।
अब मामले की वृहद जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी नजर रहेगी। जांच में आरोपों की पुष्टि या अन्य तथ्य सामने आने के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

