सहारनपुर : सहारनपुर की तहसील सदर में एंटी करप्शन टीम ने किसान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कानूनगो प्रदीप रोहेला को 15 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। किसान मोहम्मद तारिक का आरोप है कि वह जमीन की पैमाइश कराने के लिए पिछले सात महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था।
आरोप है कि धारा-24 के तहत पैमाइश कराने के बदले 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हलचल मच गई। टीम ने आरोपी को थाना सदर बाजार पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां मामले में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जमीन की पैमाइश के लिए महीनों से परेशान था किसान
पीड़ित किसान मोहम्मद तारिक के मुताबिक, जमीन उनके पिता के नाम पर है। जमीन के वास्तविक रकबे और मौके पर उपलब्ध भूमि को लेकर परेशानी सामने आने के बाद उन्होंने करीब सात महीने पहले धारा-24 के तहत पैमाइश के लिए आवेदन किया था। किसान का आरोप है कि आवेदन के बावजूद उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ी और पिछले करीब पांच महीने से कानूनगो के पास लंबित थी।
तारिक ने दावा किया कि काम कराने के लिए उन्हें बार-बार अधिकारियों और कर्मचारियों के चक्कर काटने पड़े। उनके मुताबिक, अलग-अलग मौकों पर कभी दो हजार, कभी तीन हजार, कभी पांच हजार तो कभी सात हजार रुपये देने पड़े। किसान का दावा है कि वह अब तक करीब 80 से 82 हजार रुपये दे चुका था और उसने भुगतान का हिसाब भी लिखकर रखा था।
40 हजार रुपये की मांग का आरोप, शिकायत के बाद कार्रवाई
किसान के अनुसार, पैमाइश की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कुल 40 हजार रुपये मांगे गए थे। उनका कहना है कि 16 या 17 तारीख को वह पांच हजार रुपये पहले दे चुके थे। इसके बाद 15 हजार रुपये देने की बात हुई। लगातार परेशान होने के बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
बुधवार को तहसील सदर परिसर में टीम ने कार्रवाई करते हुए कानूनगो को 15 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को थाना सदर बाजार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में रिश्वत की मांग और पहले किए गए कथित भुगतानों से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर होनी बाकी है।
जमीन के रकबे को लेकर भी उठाया सवाल
मोहम्मद तारिक के मुताबिक, एक जमीन सात बीघा दो बिस्वा और दूसरी तीन बीघा 18 बिस्वा की है। उनका दावा है कि मौके पर जमीन का रकबा अपेक्षा के मुताबिक नहीं मिल रहा था। इसी समस्या का समाधान कराने के लिए उन्होंने पैमाइश का आवेदन किया था। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि आगे की प्रक्रिया में एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च होने की बात कही गई थी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
एसपी सिटी ने बताया, आरोपी से पूछताछ जारी
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि एंटी करप्शन टीम ने एक अभियुक्त को रंगे हाथ पकड़ा है। थाना सदर बाजार में उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोपों, कथित लेन-देन और जमीन की पैमाइश की लंबित प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।

