लखनऊ : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार ने एक बार फिर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। शासन ने 13 अधिकारियों के तबादले करते हुए उन्हें अलग-अलग जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में सहारनपुर नगर निगम को भी नया अपर नगर आयुक्त मिला है।
शासन की ओर से जारी तबादला सूची के मुताबिक सूरज कुमार यादव को नगर निगम सहारनपुर में अपर नगर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नई तैनाती के साथ नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव हुआ है। शहर में सफाई व्यवस्था, जल निकासी, सड़क, अतिक्रमण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों में अपर नगर आयुक्त की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कई जिलों में बदले अपर जिलाधिकारी
प्रशासनिक फेरबदल के तहत पवन कुमार को कुशीनगर का अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बनाया गया है। वहीं आलोक कुमार गुप्ता को कासगंज में इसी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिनेश को अपर जिलाधिकारी (नगर), अयोध्या बनाया गया है, जबकि कंचन को चित्रकूट का अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नियुक्त किया गया है। इससे संबंधित जिलों में राजस्व और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के स्तर पर बदलाव हुआ है।
नगर निगमों में भी नई तैनाती
तबादला सूची में नगर निकायों से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं। सौरभ सिंह को नगर निगम कानपुर नगर में अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं सहारनपुर में सूरज कुमार यादव को इसी स्तर की जिम्मेदारी दी गई है।
नगर निगमों में अपर नगर आयुक्त प्रशासनिक कार्यों के साथ शहर की विभिन्न व्यवस्थाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नई तैनाती के बाद संबंधित निकायों में विभागीय कामकाज की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिलेगा।
निदेशालयों में भी अधिकारियों का फेरबदल
सरकार ने विभिन्न निदेशालयों में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी हैं। अरुण कुमार को लखनऊ स्थित मत्स्य निदेशालय में संयुक्त निदेशक (प्रशासन) बनाया गया है। जितेंद्र कटियार को आयुर्वेद निदेशालय, लखनऊ में उपनिदेशक (प्रशासन) और वंदिता श्रीवास्तव को उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में उपनिदेशक (प्रशासन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा हिमांशु कुमार गुप्ता, निधि डोडवाल, अजय कुमार त्रिपाठी और भान सिंह समेत अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। शासन के इस फेरबदल से कई जिलों और विभागों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव हुआ है। अब नई तैनाती पाने वाले अधिकारियों के सामने अपने-अपने विभाग और जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने की चुनौती होगी।

