सहारनपुर में 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र, शहीदों को श्रद्धांजलि और युवाओं को नशामुक्ति का संदेश

सहारनपुर में 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

सहारनपुर : कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर की सड़कों पर शिवभक्ति के साथ देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के बीच 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तिरंगे के रंगों में सजी इस विशाल कांवड़ को शहीद जवानों को समर्पित किया गया है। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा देश और समाज के लिए लगाने का संदेश दिया जा रहा है।

सहारनपुर में 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

सहारनपुर के गांव हंगावली के युवाओं की टोली लगातार दूसरी बार विशाल तिरंगा कांवड़ लेकर हरिद्वार से निकली है। पिछले वर्ष इस कांवड़ की लंबाई 101 फीट थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 121 फीट कर दिया गया है। युवाओं के मुताबिक, अगले वर्ष इसे और भव्य रूप देते हुए 151 फीट लंबा करने की तैयारी है।

दूर से ही आकर्षित कर रही विशाल कांवड़

121 फीट लंबी होने के कारण यह कांवड़ सड़क पर दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। जैसे ही यह कांवड़ सहारनपुर की सड़कों से गुजरती है, लोग इसे देखने के लिए रुक जाते हैं। कांवड़ के साथ चल रहे शिवभक्तों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। तिरंगे के तीनों रंगों से सजी इस कांवड़ को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुट रही है। लोगों के बीच यह कांवड़ चर्चा का विषय बनी हुई है।कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त अनुज कुमार ने बताया कि वह ‘सांब सदा शिव ग्रुप’ से जुड़े हैं और सहारनपुर के गांव हंगावली के रहने वाले हैं। उनका समूह हरिद्वार से इस 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ को लेकर आया है।

पिछले साल 101 फीट थी लंबाई

शिवभक्तों के मुताबिक, गांव हंगावली के युवाओं ने दो साल पहले इस तरह की विशाल तिरंगा कांवड़ की शुरुआत की थी। पिछले वर्ष कांवड़ की लंबाई 101 फीट रखी गई थी और इसे तैयार करने में एक लाख रुपये से अधिक का खर्च आया था। इस बार कांवड़ की लंबाई बढ़ाकर 121 फीट कर दी गई है। खास बात यह है कि लंबाई बढ़ने के बावजूद इस वर्ष इसे तैयार करने में करीब 90 हजार रुपये का खर्च आया है। युवाओं का कहना है कि आने वाले वर्ष में कांवड़ को 151 फीट लंबा करने की योजना है।

सहारनपुर में 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

अनुज कुमार के मुताबिक, इस तिरंगा कांवड़ को निकालने का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी का एक वर्ग नशे की गिरफ्त में जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को सकारात्मक दिशा दिखाई जाए और उनकी ऊर्जा देश और समाज के निर्माण में इस्तेमाल हो। तिरंगा कांवड़ के जरिए युवाओं को राष्ट्रप्रेम से जोड़ने और नशामुक्त समाज का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

शहीद जवानों को समर्पित की कांवड़

इस विशाल कांवड़ को देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को भी समर्पित किया गया है। कांवड़ियों का कहना है कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शहादत को याद करना और उन्हें श्रद्धांजलि देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। युवाओं का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का माध्यम ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का भी जरिया बन सकती है। इसी सोच के साथ इस बार तिरंगा कांवड़ के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि, युवाओं में राष्ट्रप्रेम और नशामुक्त समाज का संदेश देने का प्रयास किया गया है।

अगले साल 151 फीट करने की तैयारी

सहारनपुर की सड़कों से गुजर रही 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कांवड़ के साथ चल रहे शिवभक्तों का उत्साह भी देखते ही बन रहा है। युवाओं का कहना है कि आने वाले वर्ष में तिरंगा कांवड़ को 151 फीट लंबा किया जाएगा। इसके जरिए देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता के संदेश को और व्यापक स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है। इस तरह सहारनपुर की कांवड़ यात्रा में इस बार शिवभक्ति के साथ राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता का अनोखा संदेश भी देखने को मिल रहा है।

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