धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: इंटर्न डॉक्टरों का बढ़ा स्टाइपेंड, खिलाड़ियों के लिए 283 पद आरक्षित

Uttrakhand CM Dhami in Action Mode

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार 11 सितंबर को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, खेल और जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। बैठक का सबसे प्रमुख फैसला एमबीबीएस और पीजी के इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को बढ़ाने से जुड़ा रहा। लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों को कैबिनेट के इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रस्ताव में राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों की सेवाओं को लेकर भी बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए एमबीबीएस के बाद डॉक्टरों को कम से कम तीन साल तक सेवाएं देना अनिवार्य किए जाने की योजना थी। प्रस्ताव में यह व्यवस्था करने की बात थी कि तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद ही डॉक्टरों को पीजी के लिए अनुमति दी जाए।

दरअसल, राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को बॉन्ड के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाएं देनी होती हैं। विभाग के सामने समस्या यह है कि कुछ डॉक्टर कुछ समय ड्यूटी करने के बाद पीजी के लिए आवेदन कर देते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए चले जाते हैं। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है। हालांकि, शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली।

खिलाड़ियों के लिए 283 पद आरक्षित

कैबिनेट ने खेल नीति 2021 के तहत खिलाड़ियों के लिए विभिन्न विभागों में 283 पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत खेल प्रतिभाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। आरक्षित पदों पर खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग में नियुक्तियां की जाएंगी।

सरकार के इस फैसले को प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अहम माना जा रहा है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

गढ़वाल सभा को 972 गज जमीन

बैठक में जीएमवीएन की पार्किंग में स्थित 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय, हरिद्वार की जमीन के निकट 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल को देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।

इस तरह धामी कैबिनेट की बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड से लेकर खिलाड़ियों के रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तक कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। हालांकि एमबीबीएस के बाद तीन साल की अनिवार्य सेवा वाला प्रस्ताव मंजूर नहीं होने से पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की चुनौती फिलहाल बनी हुई है।

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