सहारनपुर : हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी में पैरामिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। रेस्क्यू ट्रेनिंग के दौरान हेलीकॉप्टर से यमुना नदी में कूदकर जवानों को बचाने के लिए इस्तेमाल की जा रही नाव अचानक पानी में फंस गई। नाव का बैलेंस बिगड़ने के बाद वह पलट गई। दो जवान नाव को पकड़कर सुरक्षित निकल गए, जबकि दो अन्य गहरे पानी में डूब गए। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। यमुना नदी में डूबे दो जवानों की तलाश के लिए तुरंत बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कई टीमें लगातार गहरे पानी में उनकी तलाश कर रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पैरामिलिट्री के जवान यमुना नदी में रेस्क्यू ट्रेनिंग ले रहे थे, तभी जवान हेलीकॉप्टर से नदी में कूद गए। जवानों को बचाने के लिए नाव नदी में उतारी गई। अचानक नाव पानी में फंस गई और बैलेंस बिगड़ने से पलट गई। नाव पर सवार चार जवानों में से दो तो बाहर निकल आए, लेकिन दो और गहरे पानी में चले गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मेरठ से NDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया। हरियाणा से गोताखोरों की टीम और सेना के जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। यमुना के गहरे और तेज बहते पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
हादसे के बाद मिर्जापुर थाना इंचार्ज विनोद कुमार और हथिनीकुंड बैराज पुलिस पोस्ट इंचार्ज अवेशेश भाटी पुलिस टीम के साथ मौके पर हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर रखे हुए हैं। डूबे हुए दो जवानों का पता लगाने के लिए नदी में अलग-अलग जगहों पर सर्च किया जा रहा है। मिर्जापुर थाना इंचार्ज विनोद कुमार ने बताया कि रेस्क्यू टीमें यमुना नदी के किनारे संभावित जगहों पर सर्च कर रही हैं। नदी की गहराई और बहाव के कारण रेस्क्यू टीमों को जवानों को ढूंढने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन, NDRF, गोताखोर और सेना की टीमें मिलकर ऑपरेशन में लगी हुई हैं। हादसे के बाद बड़ी संख्या में पुलिस और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन को प्राथमिकता दे रहा है और सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है। यमुना में डूबे दो सैनिकों के बारे में स्थिति रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही साफ होगी।

