सहारनपुर : सावन की कांवड़ यात्रा में इस बार सहारनपुर से गुजर रही एक अनोखी कांवड़ लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आमतौर पर फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और धार्मिक प्रतीकों से सजी कांवड़ तो आपने खूब देखी होगी, लेकिन सहारनपुर में एक ऐसी कांवड़ लोगों का ध्यान खींच रही है, जिसे 2 लाख 70 हजार रुपये की नोटों से सजाया गया है।

इस कांवड़ पर 10, 50, 100, 200 और 500 रुपये तक के नोट लगाए गए हैं। फूलों और सजावटी झालरों के बीच लगी नोट दूर से ही कांवड़ को सबसे अलग पहचान दे रही है। कांवड़ मार्ग से जब यह कांवड़ गुजरती है तो राहगीर और स्थानीय लोग इसे देखने के लिए रुक जाते हैं। कई लोग मोबाइल फोन से इसकी तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे हैं।
हरिद्वार से यमुनानगर जा रहा कांवड़ियों का दल
करीब 10 कांवड़ियों का दल 5 अगस्त को हरिद्वार से गंगाजल लेकर रवाना हुआ था। दल का लक्ष्य 9 अगस्त तक हरियाणा के जगाधरी-यमुनानगर पहुंचना है। रास्ते में नोटों से सजी कांवड़ को देखने के लिए लगातार भीड़ जुट रही है। कांवड़ियों के लिए यह उत्सुकता कभी-कभी परेशानी भी बन रही है। कई लोग नोटों को करीब से देखने और छूने का प्रयास करते हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कांवड़ियों को अपनी कांवड़ की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्क रहना पड़ रहा है। कांवड़ियों के मुताबिक रात के समय भी बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी कांवड़ को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें रात में जागकर इसकी निगरानी करनी पड़ती है।

पुलिस ने संभाली सुरक्षा की जिम्मेदारी
लाखों रुपये की नोटों से सजी कांवड़ को लेकर सहारनपुर पुलिस भी सतर्क है। एसपी देहात मयंक पाठक के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद कांवड़ के साथ पुलिसकर्मियों की निगरानी लगातार बनी हुई है। जिस थाना क्षेत्र से कांवड़ गुजरती है, वहां की पुलिस उसे अपनी सीमा तक एस्कॉर्ट करती है। इसके बाद अगले थाना क्षेत्र की पुलिस सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल लेती है। यानी थाना क्षेत्र बदलने के साथ कांवड़ के साथ चलने वाली पुलिस टीम भी बदल जाती है। कांवड़ियों ने पुलिस की इस व्यवस्था की सराहना की है। उनका कहना है कि रास्ते में पुलिस की लगातार मौजूदगी के कारण उन्हें इतनी बड़ी रकम से सजी कांवड़ को सुरक्षित आगे ले जाने में मदद मिल रही है।
चार साल पहले शुरू हुआ था नोटों से सजाने का सिलसिला
कांवड़िया मोनू बताते हैं कि नोटों से कांवड़ सजाने की शुरुआत करीब चार साल पहले हुई थी। पहली बार लगभग एक लाख रुपये के नोटों से कांवड़ सजाई गई थी। इसके बाद हर साल इसमें नोटों की संख्या और रकम बढ़ती गई। इस बार करीब 2.70 लाख रुपये की करेंसी से कांवड़ को सजाया गया है। मोनू का कहना है कि अगले साल इसे और भव्य बनाने की तैयारी है और करीब पांच लाख रुपये की करेंसी से कांवड़ सजाने की योजना है।
इसी दल में शामिल कांवड़िया जगदीप ने भी अपनी कांवड़ को नोटों से सजाया है। उनकी कांवड़ पर करीब 50 हजार रुपये के नोट लगाए गए हैं और इसे तैयार करने में लगभग डेढ़ दिन का समय लगा। फिलहाल नोटों से सजी यह कांवड़ सहारनपुर के कांवड़ मार्ग पर सबसे चर्चित आकर्षणों में शामिल हो गई है। एक तरफ लोग इसे कौतूहल के साथ देख रहे हैं, तो दूसरी तरफ लाखों रुपये की करेंसी होने के कारण इसकी सुरक्षा कांवड़ियों और पुलिस दोनों के लिए बड़ी जिम्मेदारी बनी हुई है।

