रामपुर : मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहा विवाद धरना खत्म होने के बाद भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण के आदेश जारी होने के बाद छात्रों ने कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था। बाद में मंडल आयुक्त की ओर से अगले आदेश तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि, धरना खत्म होने के बावजूद यूनिवर्सिटी के आसपास पुलिस की तैनाती और रास्तों पर कथित अवरोध को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी की ओर जाने वाले कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। वहीं, कुछ स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता बंद किए जाने की भी बात कही जा रही है। इसके चलते यूनिवर्सिटी आने-जाने वाले छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि इस समय यूनिवर्सिटी में नए एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में प्रवेश लेने के लिए पहुंच रहे छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को रास्ते बंद होने से दिक्कत हो रही है।
रामपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब एडमिशन का समय चल रहा है, तब यूनिवर्सिटी तक पहुंचने वाले रास्तों को बाधित करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि छात्रों और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रास्तों को सुचारु किया जाए।
फिलहाल यूनिवर्सिटी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था जारी है। वहीं, रास्ते बंद किए जाने और ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और छात्रों व आम लोगों की आवाजाही को कब तक सामान्य किया जाता है।

