सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंगलवार को अमोनिया गैस रिसाव की एक घटना से हड़कंप मच गया। थाना गागलहेड़ी क्षेत्र स्थित पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के एएलएम (ALM) मीट प्लांट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने से 14 महिला कर्मचारी इसकी चपेट में आ गईं। गैस के प्रभाव से सभी की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। प्रभावित कर्मचारियों में दो नाबालिग किशोरियां भी शामिल बताई जा रही हैं।

घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लांट में रोजाना की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर में गैस के फैलने से कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, घुटन और चक्कर आने जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते कई महिला कर्मचारी बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्लांट में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने राहत और बचाव का काम शुरू किया। प्रभावित महिलाओं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और एंबुलेंस व निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल सभी प्रभावित कर्मचारियों की हालत पर नजर रखी जा रही है और समय पर उपचार मिलने के बाद उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
गैस रिसाव की चपेट में आने वालों में सकीबा, नसरीन (35), गुलशन, सरवीन (20), रुखसार (18), निशा, नयना (12), निशा (18), मीसबा (18), मजरीन (20), फमीना (29), बानो (18), सरीन और नगमा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार प्रभावित कर्मचारियों में 12 वर्षीय नयना समेत दो नाबालिग किशोरियां भी हैं। नाबालिगों के प्लांट में काम करने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा इस पहलू की भी जांच किए जाने की संभावना है।
घटना की सूचना मिलते ही थाना गागलहेड़ी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण कर गैस रिसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी है। टीम द्वारा प्लांट में लगे सुरक्षा उपकरणों, गैस पाइपलाइन, वाल्व और आपातकालीन व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
एसडीएम सुबोध कुमार के अनुसार, प्रथम दृष्टया अमोनिया गैस रिसाव के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि प्लांट में गैस के भंडारण और उपयोग से जुड़े निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, सुरक्षा नियमों की अनदेखी या श्रम कानूनों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री प्रबंधन से भी घटना को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
वहीं, हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि रासायनिक गैसों का इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत और प्रभावी होनी चाहिए। फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी प्रभावित कर्मचारियों का उपचार जारी है और प्रशासन की जांच भी आगे बढ़ रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अमोनिया गैस रिसाव के वास्तविक कारण और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

