चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फ्रांस यात्रा से लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने की घटना को लेकर बड़ा दावा किया है। मान के मुताबिक, 21 अक्टूबर को उन्हें एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे तक इंतजार कराया गया और उनके प्रतिनिधिमंडल के सामान में कथित कमियां निकालकर 50 हजार रुपये का भुगतान कराया गया।
मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सीमा शुल्क विभाग ने नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई की थी। इस मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
‘दो घंटे तक इंतजार कराया, फिर मांगे 50 हजार रुपये’
पंजाब विधानसभा के मौजूदा सत्र में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ पेश सरकारी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भगवंत मान ने एयरपोर्ट की घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फ्रांस में एक बड़े खाद्य महोत्सव में शामिल होने के बाद जब वह भारत लौटे, तो दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उन्हें करीब दो घंटे तक रोके रखा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अधिकारियों ने उनके सामान की जांच करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि जांच में कुछ नहीं मिलने के बावजूद प्रतिनिधिमंडल के सामान में कमियां बताई गईं और 50 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। मान ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने ऊपर से दबाव होने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की नौकरी पर खतरा होने की बात सामने आने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने रकम का भुगतान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने इस पूरी घटना को सामान्य जांच के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए सवाल उठाए। हालांकि, घटना के संबंध में सीमा शुल्क विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
भगवंत मान ने कस्टम विभाग के अधिकारी मनीष का जिक्र करते हुए दावा किया कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इसी संबंध के चलते उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के परिवार से जुड़े एक अन्य कानूनी मामले का भी उल्लेख किया और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
भाजपा का पलटवार, महंगी वस्तुएं लाने का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने भगवंत मान के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सीमा शुल्क विभाग ने नियमों के तहत कार्रवाई की थी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री फ्रांस यात्रा से लौटते समय करीब 21 लाख रुपये मूल्य की महंगी वस्तुएं बिना उचित घोषणा के लेकर आए थे। पार्टी ने कहा कि इसी वजह से 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सामान में करीब 2.5 लाख रुपये के जूते, पांच लाख रुपये का लुई वुइटन हैंडबैग, गुच्ची जैकेट, वर्साचे शर्ट और विदेशी शराब की आठ से दस बोतलें शामिल थीं। पार्टी ने मुख्यमंत्री से इन वस्तुओं की खरीद की रसीदें सार्वजनिक करने की मांग की है।
ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और सीमा शुल्क विभाग के रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
एयरपोर्ट विवाद के अलावा भगवंत मान ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मतदाता अपनी पसंद की सरकार चुनते थे, लेकिन अब स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि सरकार अपनी पसंद के मतदाताओं का चुनाव कर रही है।
इससे पहले पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में चुनाव आयोग के खिलाफ सरकारी प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया।
राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार
दिल्ली एयरपोर्ट की घटना को लेकर मुख्यमंत्री और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक तरफ मान इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे सीमा शुल्क नियमों से जुड़ा मामला बता रही है।
अब इस विवाद में सीमा शुल्क विभाग का आधिकारिक पक्ष, कथित जुर्माने के दस्तावेज और सामान की जांच से जुड़े रिकॉर्ड अहम होंगे। इनके सामने आने से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि कार्रवाई नियमों के तहत हुई या इसके पीछे किसी तरह का राजनीतिक दबाव था।

