मिर्जापुर : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में चर्चित जिम मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। धर्मांतरण, शारीरिक शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे इमरान खान की प्रयागराज के कोरांव क्षेत्र स्थित करीब डेढ़ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर ली गई है। यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर मिर्जापुर और प्रयागराज पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने की।
मिर्जापुर पुलिस के मुताबिक, इमरान खान पर आधा दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का आरोप है कि वह जिम की आड़ में महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। ट्रेनिंग के बहाने पहले दोस्ती और फिर कथित तौर पर प्रेम संबंध बनाए जाते थे। इसके बाद शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण से जुड़े आरोप सामने आए।
डेढ़ करोड़ की जमीन कुर्क
मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट पवन कुमार गंगवार के आदेश पर 7 अगस्त को संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम में नायब तहसीलदार कोरांव, थाना पड़री पुलिस, कोरांव पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति प्रयागराज की कोरांव तहसील के मौजा तिरसठ में स्थित है। यह जमीन आराजी संख्या 01ख में दर्ज है और इसका रकबा करीब 1.05960 हेक्टेयर है। प्रशासन ने जमीन की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई है।
संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई पूरी की। प्रशासन की इस कार्रवाई को मामले में आरोपी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई की अहम कड़ी माना जा रहा है।
जनवरी में सामने आया था मामला
दरअसल, जनवरी 2026 में जिम आने वाली कुछ युवतियों ने देहात कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिम की आड़ में महिलाओं से दोस्ती और प्रेम संबंध बनाए जाते थे। इसके बाद शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए।
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में एक-एक कर गिरफ्तारियां कीं। पुलिस के मुताबिक, अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मामले से जुड़े पांच जिम सील किए गए हैं। पुलिस इमरान खान को इस पूरे मामले का कथित गैंग लीडर बता रही है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

