सहारनपुर : फतवों के शहर देवबंद में 17 साल के शिवा की हत्या के बाद मंगलवार को स्थिति तब बिगड़ गई, जब पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों और गांव वालों ने शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। गुस्साए गांव वाले हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े थे। कई घंटों तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया।

25 जुलाई को 17 साल का शिवा घर से लापता हो गया था। उसके परिवार ने देवबंद पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उसके तीन दोस्तों पर शक था। 27 जुलाई को रात करीब 12:00 बजे पुलिस को टीचर्स कॉलोनी के पीछे एक खेत में शिवा की लाश मिली। लाश मिलने के बाद, पूरे मामले की गहराई से जांच की गई। शुरुआती जांच में पता चला कि शिवा के दोस्तों ने ही हत्या की है। एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि दो अन्य अभी भी फरार हैं। पुलिस जांच में पता चला कि मृतक और आरोपी पहले अच्छे दोस्त थे। बाद में, किसी बात को लेकर उनके बीच झगड़ा और दुश्मनी हो गई। कुछ समय बाद, दोनों पक्षों में सुलह हो गई और उनकी दोस्ती फिर से शुरू हो गई, लेकिन पुरानी रंजिश नहीं सुलझी।
इसी रंजिश के चलते, आरोपियों ने शिवा को उसके घर से बहला-फुसलाकर टीचर्स कॉलोनी के पीछे एक खेत में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की तीन स्पेशल टीमें फरार दो आरोपियों को पकड़ने के लिए रेड कर रही हैं। मंगलवार को जैसे ही शिवा की बॉडी पोस्टमॉर्टम के बाद उसके परिवार को सौंपी गई, बड़ी संख्या में गांव वाले और रिश्तेदार हाईवे पर जमा हो गए। उन्होंने बॉडी को सड़क के बीच में रखकर रोड ब्लॉक कर दिया, जिससे दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। महिलाएं और बुजुर्ग भी प्रोटेस्ट में शामिल हो गए, जो लगातार इंसाफ, मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे।

सूचना मिलने पर लोकल पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रोटेस्ट करने वालों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अभिनंदन और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अरविंद चौहान भी मौके पर पहुंचे और परिवार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया, लेकिन प्रोटेस्ट थमता नहीं। जब पुलिस ने हाईवे ब्लॉकेज हटाने की कोशिश की, तो प्रोटेस्ट करने वालों और पुलिस के बीच हाथापाई हो गई। गांव वालों की भीड़ देखते ही देखते हिंसक हो गई, और पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने प्रोटेस्ट में पुलिस पर पत्थर फेंके। और पुलिस फोर्स बुलाई गई और काफी मशक्कत के बाद हालात काबू में आए। बाद में हाईवे पर लगा ट्रैफिक जाम खुलवाया गया और ट्रैफिक बहाल किया गया।
परिवार वालों ने बताया कि 17 साल के शिवा की बॉडी सोमवार देर रात मिली। शिवा दो दिन से लापता था। उसके शरीर पर चोट के निशान मिलने से मर्डर का शक पक्का हो गया। मृतक के पिता जयप्रकाश ने पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान परिवार को पता चला कि शिवा को आखिरी बार उसके दोस्तों के साथ देखा गया था। तलाशी के दौरान एक शक वाले दोस्त को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मर्डर करना कबूल कर लिया और उसकी जगह पर खेत से बॉडी बरामद की गई।
SSP अभिनंदन सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि शिवा और आरोपी दोस्त थे, लेकिन पुराने झगड़े को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। इसी झगड़े की वजह से आरोपी शिवा को किसी बहाने से खेत में ले गए, उसकी हत्या कर दी, उसकी बॉडी वहीं फेंक दी और भाग गए। शिवा मजदूरी करता था और तीन बहनों का इकलौता भाई था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी दो की तलाश में पुलिस की तीन स्पेशल टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। हाईवे जाम करने, लाठीचार्ज और पत्थरबाजी की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

