संभल : कभी उपद्रव और विवादों को लेकर सुर्खियों में रहने वाला संभल अब धार्मिक आयोजनों में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर पेश कर रहा है। चंदौसी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर निकाली गई भव्य महा रथ यात्रा में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम समाज की ओर से भगवान गणेश को दो कुंतल लड्डुओं का भोग चढ़ाया गया। इस पहल ने धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया और आयोजन में शामिल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
सोमवार शाम करीब छह बजे मुस्लिम समाज के लोगों ने भगवान गणेश को दो कुंतल लड्डुओं का भोग अर्पित किया। बताया गया कि चंदौसी के गणेश चौथ मेले में मुस्लिम समाज की ओर से भोग चढ़ाने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। गणेश चतुर्थी के मौके पर इस परंपरा के जरिए सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।
2001 से आयोजित हो रहा गणेश चौथ मेला
चंदौसी का प्रसिद्ध गणेश चौथ मेला वर्ष 2001 से आयोजित किया जा रहा है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह मेला शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए भी जाना जाता है। इस बार मेले का उद्घाटन 12 सितंबर को विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने मिलकर किया था।
आयोजकों के मुताबिक मेले के जरिए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश देने की कोशिश की जाती है। इसी क्रम में मुस्लिम समाज की ओर से भगवान गणेश को लड्डुओं का भोग अर्पित करने की पहल को भी देखा जा रहा है।
25 फीट ऊंची मयूर गणेश की झांकी बनी आकर्षण
गणेश चतुर्थी के अवसर पर चंदौसी शहर में भगवान गजानन की भव्य महा रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा में कोलकाता के प्रसिद्ध स्टोन आर्टिस्ट द्वारा तैयार की जा रही भगवान मयूर गणेश की 25 फीट ऊंची झांकी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
विशाल झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा और आकर्षक सजावट ने रथ यात्रा में शामिल लोगों का ध्यान खींचा। इसके अलावा ‘स्कूल चलो अभियान’ की थीम पर तैयार की गई झांकी भी यात्रा में शामिल रही। भगवान हनुमान की झांकी ने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।
शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी महा रथ यात्रा
विभिन्न झांकियों और सजे हुए रथों के साथ महा रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। लोग भगवान गणेश के दर्शन करने और झांकियों को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े रहे।
रथ यात्रा के दौरान धार्मिक उत्साह के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रशासन ने यात्रा के मार्ग और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया। ड्रोन के जरिए भी पूरे आयोजन की निगरानी की गई।
सुरक्षा में तैनात रहे करीब 500 जवान
गणेश महा रथ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। जानकारी के अनुसार कई जनपदों की पुलिस फोर्स के करीब 500 जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।
रथ यात्रा के मार्ग पर दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों का पहरा लगाए जाने की बात कही गई। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। ड्रोन कैमरों के जरिए भी भीड़ और यात्रा मार्ग पर नजर रखी गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा
महा रथ यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु चंदौसी पहुंचे। आयोजकों की ओर से चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया। शहर के मुख्य मार्गों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी और यात्रा के दौरान धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
मेले का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने किया। धार्मिक आयोजन के बीच मुस्लिम समाज की ओर से भगवान गणेश को दो कुंतल लड्डुओं का भोग चढ़ाने की पहल ने आयोजन को सामाजिक सौहार्द के संदेश से भी जोड़ दिया।
चंदौसी की यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है, जब संभल की पहचान को लेकर अक्सर विवाद और तनाव की खबरें चर्चा में रहती हैं। ऐसे में गणेश चतुर्थी के इस आयोजन में अलग-अलग समुदायों की भागीदारी और मुस्लिम समाज की भोग अर्पित करने की परंपरा आपसी भाईचारे और साझा सांस्कृतिक विरासत की मिसाल के तौर पर सामने आई।

