लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर जमकर निशाना साधा। बुलंदशहर में सपा के प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, बाढ़, गन्ना किसानों और लखनऊ के प्रदूषण तक उन्होंने सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही भाजपा अपनी हार स्वीकार कर लेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बुलंदशहर में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने पर सवाल
अखिलेश यादव ने बुलंदशहर में समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन की ओर से कार्यक्रम तय किया गया था। उस समय सावन का समय चल रहा था और पार्टी के कार्यकर्ता लगातार अधिकारियों के संपर्क में थे। अधिकारियों की ओर से कई बार भरोसा दिया गया कि जिस मैदान में कार्यक्रम होना है, उसकी अनुमति मिल जाएगी।
सपा अध्यक्ष के मुताबिक, बाद में अधिकारियों ने सावन का हवाला देते हुए कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने तारीख बदल दी, लेकिन नई तारीख तय होने के बाद भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार उनके कार्यक्रमों से क्यों घबरा रही है।
उन्होंने बुलंदशहर में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड की अनुमति नहीं दिए जाने का भी मामला उठाया। अखिलेश यादव ने कहा कि अनुमति नहीं देने के पीछे रिजर्व पुलिस लाइन ग्राउंड में हेलीपैड के पास जलभराव होने का कारण बताया गया। उन्होंने हेलीपैड का वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि वीडियो में आसपास कहीं पानी नजर नहीं आ रहा था। वहां घास लगी हुई थी, जबकि हेलीपैड की जगह पर कुछ गड्ढे दिखाई दे रहे थे।
सरकार बनने पर हर जिले का बनेगा अलग मेनिफेस्टो
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी बुलंदशहर समेत प्रदेश के सभी जिलों की स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखकर काम करेगी। उन्होंने ऐलान किया कि सपा की सरकार बनने पर प्रदेश के मेनिफेस्टो के साथ-साथ हर जिले का अलग मेनिफेस्टो भी तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर बनने वाले मेनिफेस्टो में कई बार जिले की छोटी-बड़ी स्थानीय समस्याएं छूट जाती हैं। ऐसे में हर जिले में यह तय किया जाएगा कि वहां कौन से बड़े काम किए जाने हैं और लोगों की प्रमुख समस्याओं का समाधान कैसे किया जाना है।
सच दिखाने पर पत्रकारों को जेल भेजने का आरोप
सपा अध्यक्ष ने सरकार पर पत्रकारों को परेशान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई पत्रकार सच्ची खबर दिखाता है तो उसे जेल भेजने की कोशिश की जाती है। रामपथ की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, लेकिन गड्ढे दिखाने वाले पत्रकार को धमकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इससे खराब सरकार नहीं देखी होगी, जहां अधिकारियों के अधिकारों को भी चुना जा रहा है। उनका आरोप था कि सरकार अपनी कमियां सामने आने से परेशान होती है।
अस्पतालों की हालत पर अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने एक बच्ची का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उससे मुलाकात की थी, जिसके पैर में प्लास्टर लगा था। प्लास्टर से इंफेक्शन हुआ और बाद में उसका पैर काटना पड़ा।
उन्होंने लोहिया अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति का भी जिक्र किया। अखिलेश के मुताबिक, 15 अगस्त को एक व्यक्ति पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आया था, लेकिन उसका हाथ काट दिया गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक अन्य जिले की घटना का भी उल्लेख किया, जहां पति अपनी पत्नी का शव घर नहीं ला पाया और उसे नदी में बहा दिया, क्योंकि उसके पास शव घर लाने के लिए पैसे नहीं थे।
अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मेडिकल व्यवस्था चरमराई हुई है और लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अस्पताल जाने वाले हर व्यक्ति को मुफ्त इलाज और दवा दी जाएगी। इसके लिए किसी कार्ड या पर्चे की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों को भी इलाज की जरूरत है।
बाढ़ और शिक्षा व्यवस्था पर भी घेरा
अखिलेश यादव ने बलिया, गोरखपुर, कुशीनगर और लखीमपुर समेत नदी प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहत सामग्री और राहत-बचाव कार्य के दावे तो कर रही है, लेकिन प्रभावित इलाकों में पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर बाढ़ की समस्या को रोकने के लिए प्रभावी काम किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सपा के लोग जब 26 हजार स्कूलों में गए थे तो उन्हें भी प्रताड़ित और अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी नई पीढ़ी और तकनीक के जरिए प्रदेश की उन्नति के लिए काम करेगी।
पुलिस की कार्यशैली पर तंज
अखिलेश यादव ने एक पुलिस अधिकारी के कथित बयान को लेकर भी तंज कसा, जिसमें मूंछों पर ताव देते हुए अखिलेश को वीडियो दिखाने की बात कही गई थी। इस दौरान उन्होंने ललितपुर के सपा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया, जिनकी मूंछें काफी लंबी हैं। उन्होंने कहा कि पहले फौज और पुलिस में मूंछों के लिए भत्ता मिलता था। बड़ी और अच्छी मूंछ हो तभी उस पर ताव दिया जा सकता है।
कानून-व्यवस्था पर अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस टांगों में गोली मारकर लोगों को लंगड़ा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय शुरू की गई कई निर्माण परियोजनाएं आज भी पूरी नहीं हुई हैं।
गन्ना किसानों को 24 घंटे में भुगतान का दावा
गन्ना किसानों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों के हित में गन्ने का मूल्य तय किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि गन्ना किसानों का पैसा 24 घंटे के भीतर उनके खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल, चीनी और गन्ने से निकलने वाले अन्य उत्पादों से बड़े लोगों को फायदा मिल रहा है, लेकिन गन्ना किसानों को उसका उचित लाभ नहीं मिल रहा है।
अखिलेश ने लखनऊ के एयर पॉल्यूशन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ को प्रदूषण को लेकर अवार्ड मिला था, लेकिन शहर की वास्तविक स्थिति को भी देखा जाना चाहिए।
वहीं मायावती के आकाश आनंद को लेकर लिए गए फैसले पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह बसपा का अपना मामला है और दूसरे दलों को इस पर नहीं बोलना चाहिए। अंत में उन्होंने दावा किया कि चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा अपनी हार स्वीकार कर लेगी और समाजवादी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।

