मुजफ्फरनगर/सहारनपुर : कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त कांवड़ियों को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान देने के मामले में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ मुजफ्फरनगर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हिंदू संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ यात्रा और शिवभक्त कांवड़ियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनके कथित बयान को लेकर हिंदू संगठनों में नाराजगी है। शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर बयान और उससे जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक मौलाना के बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, देवबंदी उलेमाओं ने भी कथित टिप्पणी की निंदा की है।
‘आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल कैसे किया’
देवबंदी उलेमा कारी इश्हाक गोरा ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए ‘आतंकवादी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांवड़ लेकर चलने वाले शिवभक्तों के आतंकवादी होने का कोई प्रमाण है। कारी इश्हाक गोरा ने कहा कि यदि मौलाना साजिद रशीदी के पास इस तरह के आरोपों के कोई सबूत हैं तो उन्हें देश की जनता के सामने रखना चाहिए। अगर कोई प्रमाण नहीं है तो उन्हें बिना शर्त हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।
सरकार की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
कारी इश्हाक गोरा ने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ बिना प्रमाण आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को कानून के तहत कार्रवाई के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई बार मदरसों या वहां पढ़ने वाले बच्चों को लेकर भी बिना प्रमाण गंभीर टिप्पणियां की जाती हैं, लेकिन ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने सरकार से सभी मामलों में समान रवैया अपनाने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक या भड़काऊ बयान देने वालों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मौलाना साजिद रशीदी के कथित बयान को लेकर विवाद और राजनीतिक-सामाजिक प्रतिक्रियाएं लगातार जारी हैं।

